menu-icon
The Bharatvarsh News

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान-ओमान की बड़ी सहमति, निगरानी और ट्रांजिट शुल्क पर फैसला बाकी

ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नए शिपिंग रूट को लेकर सहमति बनी है, जिससे इस अहम जलमार्ग के फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ी है.

Calendar Last Updated : 06 August 2026, 11:31 AM IST
Share:

नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच एक अहम समझौते पर सहमति बन गई है. इस डील के बाद अमेरिका-ईरान तनाव के कारण प्रभावित हुआ यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता दोबारा खुलने की उम्मीद बढ़ गई है. हालांकि, जहाजों की निगरानी और संभावित ट्रांजिट शुल्क को लेकर अभी कुछ मुद्दों पर बातचीत बाकी है.

नए शिपिंग रूट पर बनी सहमति

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के मुताबिक, तेहरान और मस्कट होर्मुज से गुजरने वाले एक नए शिपिंग कॉरिडोर के भौगोलिक बिंदुओं पर सहमत हो चुके हैं. दोनों देश अब इस व्यवस्था से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को शामिल करते हुए संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की है. उनके मुताबिक, दोनों पक्ष बुनियादी समझौतों तक पहुंच चुके हैं और प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

जहाजों के लिए क्या बदल सकता है?

नई व्यवस्था लागू होने पर खाड़ी में आने-जाने वाले कमर्शियल जहाजों को तय किए गए नए समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करना होगा. प्रस्तावित कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरने की बात कही गई है, जबकि कुछ हिस्सा ओमान के समुद्री क्षेत्र में रहेगा.

इससे ईरान को समुद्री यातायात पर पहले की तुलना में ज्यादा निगरानी मिल सकती है. हालांकि, जहाजों की जांच कौन करेगा और निगरानी की पूरी व्यवस्था कैसी होगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

क्या देना होगा ट्रांजिट शुल्क?

डील से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल ट्रांजिट फीस का है. बातचीत में जहाजों से शुल्क लेने का मुद्दा सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान कार्गो के मूल्य का करीब 5 से 7 प्रतिशत तक शुल्क चाहता है, जबकि ओमान इससे कम करीब 3 प्रतिशत फीस की बात कर रहा है.

वहीं, अमेरिका चाहता है कि जहाज बिना किसी ट्रांजिट शुल्क के होर्मुज से गुजरते रहें. ऐसे में फीस को लेकर मतभेद समझौते के रास्ते में अहम चुनौती बन सकते हैं.

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है. वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. इसलिए यहां शिपिंग व्यवस्था में कोई भी बड़ा बदलाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकता है.

नई व्यवस्था फिलहाल कुछ महीनों के लिए लागू किए जाने का प्रस्ताव है. हालांकि, इसके सफल संचालन और आगे की बातचीत के आधार पर इसे लंबे समय तक जारी रखा जा सकता है.

सम्बंधित खबर

Recent News