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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत एक बार फिर चर्चा में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों की जांच की अनुमति नहीं देता है, तो अमेरिका बातचीत की प्रक्रिया को रोक सकता है.
पेनसिल्वेनिया के एक औद्योगिक दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने निरीक्षण की शर्तों पर सहमति जताई है. उन्होंने उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि ईरान निरीक्षकों को प्रवेश देने के लिए तैयार नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि निरीक्षण व्यवस्था पर सहमति बन चुकी है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि ऐसा नहीं होता, तो वह मौजूदा बैठकों को तुरंत रद्द कर सकते हैं.
जब ट्रंप से पूछा गया कि निरीक्षण कब शुरू होगा, तो उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई जल्दबाजी नहीं है. उनके अनुसार, उचित समय आने पर निरीक्षक ईरान पहुंचेंगे और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय में ईरान की स्थिति कमजोर हुई है, जिससे समझौते की संभावना बढ़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तकनीकी चर्चाओं से क्षेत्रीय तनाव कम करने में मदद मिल सकती है.
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है. साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि आर्थिक सहयोग बढ़ता है, तो उसका उपयोग ईरान की खाद्य और दवा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अनुमति देता है या नहीं. यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. वहीं, अनुमति मिलने पर दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते का रास्ता खुल सकता है.