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नई दिल्ली: भारत में हैंडलूम सिर्फ कपड़ा नहीं, हमारी विरासत है। गांव से लेकर शहर तक कारीगर आज भी हाथों से धागे बुनकर ऐसी साड़ियां बनाते हैं जिनकी दुनिया में पहचान है। National Handloom Day पर जानते हैं किस राज्य की कौन सी साड़ी सबसे ज्यादा फेमस है।
मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ी, सूट और दुपट्टे अपनी पारदर्शी बुनाई के लिए जाने जाते हैं। हल्की और चमकदार होती हैं। छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ी नेचुरल चमक के लिए पसंद की जाती है।
मध्य प्रदेश की चँदेरी सारी सूट दुपट्टे अपनी पारदर्शी बुनाई के लिए जाने जाते हैं हल्की और चमकदार होती है
बिहार की भागलपुरी टसर सिल्क साड़ी और झारखंड की आदिवासी टसर साड़ी रफ-टेक्सचर में अलग दिखती हैं। पश्चिम बंगाल में बालुचरी और जामदानी का क्रेज सबसे ज्यादा है। बालुचरी में पौराणिक कहानियां बुनी जाती हैं। असम की गोल्डन मुगा साड़ी धोने पर और चमकती है। मेघालय की एरी सिल्क और सिक्किम की लेप्चा, नगालैंड की टाइट बुनाई वाली साड़ियां भी खास हैं।
तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी सबसे कीमती मानी जाती है। भारी जरी और चमकदार रंग इसे रॉयल लुक देते हैं। केरल की कसावु साड़ी सफेद रंग और गोल्डन बॉर्डर से पहचानी जाती है। ओणम और त्योहारों पर खास पहनी जाती है। तेलंगाना की पोचमपल्ली इकत साड़ी सॉफ्ट सिल्क-कॉटन ब्लेंड में मिलती है।
आंध्र प्रदेश की उप्पडा जामदानी और कर्नाटक की इल्कल साड़ी मंदिर बॉर्डर के लिए फेमस हैं। हर साड़ी के पीछे एक राज्य की संस्कृति और एक बुनकर की मेहनत है। इस हैंडलूम डे पर एक हैंडलूम साड़ी खरीदकर आप सीधे किसी कारीगर परिवार की मदद भी कर सकते हैं।