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क्या रोज 1-2 पैग शराब पीना सही है? जानिए एक्सपर्ट्स की चौंकाने वाली राय

क्या रोज थोड़ी शराब पीना सुरक्षित है? हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि शराब की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती, हालांकि सीमित सेवन को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जाता है.

Calendar Last Updated : 05 August 2026, 06:38 PM IST
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नई दिल्ली: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग तनाव कम करने, दोस्तों के साथ समय बिताने या मूड फ्रेश करने के लिए शराब का सहारा लेते हैं. वहीं कुछ लोगों का मानना होता है कि रोज थोड़ी मात्रा में शराब पीने से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन क्या वाकई ऐसा है? इस सवाल का जवाब हेल्थ एक्सपर्ट ने आसान भाषा में समझाया है.

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, शराब की ऐसी कोई मात्रा नहीं है जिसे पूरी तरह सुरक्षित कहा जा सके. यानी स्वास्थ्य की अनुसार सबसे बेहतर विकल्प शराब का सेवन न करना ही है. हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस के आधार पर सीमित मात्रा में शराब पीने को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जाता है.

महिलाएं और पुरुष कितनी अल्कोहल का कर सकते है सेवन 

विशेषज्ञों के मुताबिक, पुरुषों के लिए एक दिन में अधिकतम दो पैग यानी करीब 28 ग्राम अल्कोहल और महिलाओं के लिए एक पैग यानी करीब 14 ग्राम अल्कोहल तक सेवन को सीमित माना जाता है. अगर इसे अलग-अलग बेवरेज के हिसाब से समझें तो एक ड्रिंक लगभग 330 मिलीलीटर बीयर, 150 मिलीलीटर वाइन या 30 मिलीलीटर व्हिस्की या रम के बराबर होती है. इससे अधिक मात्रा में शराब पीने पर शरीर अल्कोहल को समय पर प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे इसके दुष्प्रभाव बढ़ने लगते हैं.

कितने घंटे तक रह सकता है असर 

शराब का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है. यह उम्र, वजन, खाली या भरे पेट और शराब के प्रकार पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर एक पैग का असर 1.5 से 3 घंटे तक रह सकता है. वहीं, 3 से 4 पैग पीने पर इसका प्रभाव 6 से 8 घंटे तक महसूस हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति 5 या उससे अधिक पैग पी ले, तो नशे और हैंगओवर का असर अगले दिन तक भी बना रह सकता है. खाली पेट या कम समय में ज्यादा शराब पीने से यह असर और बढ़ जाता है.

रोज शराब पीने से हो सकता है ये नुकसान 

डॉक्टर बताते हैं कि रोजाना शराब पीने की आदत शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ता है. इसके साथ ही याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता और एकाग्रता भी प्रभावित हो सकती है. नियमित रूप से अधिक शराब पीने से हृदय रोग और शराब की लत लगने का जोखिम भी बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति शराब पीता भी है, तो उसे सीमित मात्रा में और रोजाना सेवन से बचना चाहिए. स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे सुरक्षित विकल्प अब भी शराब से दूरी बनाए रखना ही माना जाता है. 

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