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क्या सच में स्विमिंग करने से रूक जाता है पीरियड्स का फ्लो ? चलिए जानते है इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से ब्लीडिंग बंद नहीं होती, बल्कि पानी का दबाव कुछ समय के लिए फ्लो को धीमा महसूस करा सकता है. पानी से बाहर आते ही गुरुत्वाकर्षण के कारण मासिक धर्म का प्रवाह सामान्य रूप से फिर शुरू हो जाता है.

Calendar Last Updated : 04 August 2026, 06:39 PM IST
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नई दिल्ली: पीरियड्स को लेकर आज भी कई तरह की भ्रांतियां समाज में प्रचलित हैं. इनमें से एक आम धारणा यह है कि पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से ब्लीडिंग पूरी तरह बंद हो जाती है. इसी वजह से कई महिलाएं और लड़कियां मासिक धर्म के दौरान स्विमिंग करने से बचती हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. इसके पीछे शरीर के विज्ञान से जुड़ा एक कारण है, न कि पीरियड्स का वास्तव में रुक जाना. क्या है वो कारण चलिए जानते है. 

पानी में काम हो जाता है फ्लो 

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब कोई महिला पानी में उतरती है तो उसके शरीर पर पानी का दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) पड़ता है. यह दबाव कुछ समय के लिए मासिक धर्म के रक्त के बाहर आने की गति को धीमा कर सकता है. इसी कारण कई महिलाओं को ऐसा महसूस होता है कि उनका पीरियड्स फ्लो रुक गया है. लेकिन जैसे ही वे पानी से बाहर आती हैं, गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव फिर सामान्य हो जाता है और ब्लीडिंग पहले की तरह जारी रहती है. यानी स्विमिंग से पीरियड्स बंद नहीं होते, बल्कि केवल थोड़े समय के लिए फ्लो कम महसूस हो सकता है. 

पीरियड प्रोटेक्शन के लिए क्या करें इस्तेमाल 

अगर कोई महिला पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करना चाहती है, तो विशेषज्ञ उचित पीरियड प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. आमतौर पर टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप बेहतर विकल्प माने जाते हैं, क्योंकि ये शरीर के अंदर रहकर रक्त को बाहर आने से रोकने में मदद करते हैं. वहीं, केवल सैनिटरी पैड पहनकर स्विमिंग करना प्रभावी नहीं माना जाता, क्योंकि पानी में पैड भीग जाता है और पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाता.

पीरियड्स में स्विमिंग हो सकती है फायदेमंद 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान स्विमिंग कई महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकती है. हल्की शारीरिक गतिविधि से शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे मूड बेहतर हो सकता है और पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन या असहजता में राहत मिल सकती है. साथ ही यह शरीर को सक्रिय रखने में भी मदद करती है. 

डॉक्टर की जरूर ले सलाह 

हालांकि, अगर किसी महिला को अत्यधिक ब्लीडिंग, तेज दर्द, चक्कर आने जैसी समस्या हो या पहले से कोई चिकित्सीय स्थिति हो, तो स्विमिंग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. कुल मिलाकर, यह कहना सही नहीं होगा कि स्विमिंग करने से पीरियड्स का फ्लो पूरी तरह रुक जाता है. वास्तव में पानी का दबाव कुछ समय के लिए रक्तस्राव की गति को कम कर सकता है, लेकिन मासिक धर्म की प्राकृतिक प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रहती है.

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