Courtesy: Social Media
New Delhi: मंगलवार को, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए नेताओं को बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम की जानकारी दी. सर्वदलीय बैठक के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आ गई हैं और भारत उनका किस तरह ध्यान रखेगा. जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना भारत में हैं और सरकार उन्हें समय देना चाहती है ताकि वह यह तय कर सकें की भारत मे उनका भविष्य कैसा रहेगा.
मीडिया रेपोर्ट्स के अनुसार पार्टी की बैठक में नेताओं को बताया गया कि उस देश में 20,000 भारतीय नागरिक हैं. अब तक 8,000 भारतीय नागरिक अपने देश वापस आ चुके हैं. जयशंकर ने बताया कि भारत सरकार भारतीय नागरिकों से संपर्क में है और वहां का दूतावास लगातार काम कर रहा है. सर्वदलीय बैठक के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि नेताओं को निर्देश दिया गया है कि अल्पसंख्यकों पर ध्यान देना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयशंकर ने संसद भवन में हुई बैठक की तस्वीरें शेयर कीं. विदेश मंत्री ने लिखा, आज संसद में एक सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश की हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी. इस दौरान मिले सर्वसम्मत समर्थन और सहयोग के लिए सभी दलों की तारीफ करता हूं. बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़ने से अराजकता की स्थिति बन गई है.
हसीना सोमवार रात बांग्लादेशी वायुसेना के एक सैन्य विमान से भारत आईं. खबर है कि वे लंदन जाने की योजना बना रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इस मुद्दे पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की. सर्वदलीय बैठक के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत की दीर्घकालिक और तात्कालिक रणनीति के बारे में पूछा. सरकार ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण स्थिति है और वे इसका विश्लेषण करते रहेंगे.
बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो गई है. छात्रों के विरोध प्रदर्शन, जो पहले सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली खत्म करने की मांग कर रहे थे, अब सरकार विरोधी प्रदर्शन बन गए हैं. ढाका में, भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेताओं ने बांग्लादेश की मौजूदा समस्याओं से निपटने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनाने का सुझाव दिया है.