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The Bharatvarsh News

हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर ट्रंप प्रशासन की 'नजर', शर्त पूरा ना करने पर 2.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रोका ग्रांट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार की नजर अब हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत अन्य कई विश्वविद्यालयों पर पड़ी है. जिसमें शर्तों को पूरा ना करने पर ग्रांट को रोक दिया गया. जानकरी के मुताबिक विश्वविद्यालय ने विविधता, समानता और समावेश (DEI) कार्यक्रमों को समाप्त ना करके प्रशासन की अवज्ञा की. जिसके लिए 2.3 बिलियन डॉलर के ग्रांट को रोक दिया गया.

Calendar Last Updated : 15 April 2025, 07:13 AM IST
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Harvard University Grants Freezed: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय को संघीय निधि में लगभग 2.3 बिलियन डॉलर रोक दिए गए. ट्रंप प्रशान की ओर से ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उनका कहना कि क्योंकि आइवी लीग स्कूल ने परिसर में सक्रियता को सीमित करने और इसके विविधता, समानता और समावेश (DEI) कार्यक्रमों को समाप्त करने की व्हाइट हाउस की मांगों की सूची का पालन नहीं किया. 

ट्रंप सरकार ने इसके बाद यहूदी विरोधी भावना से निपटने के लिए विभाग सरकार ने रोक लगा दी. इस रोक में 2.2 बिलियन डॉलर के अनुदान और 60 मिलियन डॉलर के संघीय अनुबंध शामिल हैं. प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि हार्वर्ड का प्रतिरोध हमारे देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में व्याप्त परेशान करने वाली अधिकार मानसिकता को दर्शाता है.

क्या है प्रशासन का आरोप

शिक्षा विभाग का यह बयान हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर द्वारा विश्वविद्यालय समुदाय को एक पत्र भेजे जाने के कुछ घंटों बाद आया. इस पत्र में विश्वविद्यालय द्वारा ट्रम्प की मांगों को खारिज करते हुए, स्कूल की स्वतंत्रता का बचाव करते हुए और प्रशासन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया. उन्होंने कहा कि चाहो कोई भी सरकार हो, चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो यह तय नहीं कर सकती कि निजी विश्वविद्यालय क्या पढ़ा सकते हैं, वे किसे प्रवेश दे सकते हैं और किसे काम पर रख सकते हैं और वे अध्ययन और जांच के किन क्षेत्रों को आगे बढ़ा सकते हैं. गार्बर ने तर्क दिया कि प्रशासन की मांगें प्रथम संशोधन का उल्लंघन करती हैं और शीर्षक VI के तहत संघीय सरकार के अधिकार से परे हैं. जो की किसी भी नागरिक के नस्ल, रंग या राष्ट्रीय मूल के आधार पर भेदभाव को रोकता है.

हार्वर्ड ने क्या कहा?

गार्बर ने अपने पत्र में कहा कि हार्वर्ड में शिक्षण और सीखने को नियंत्रित करने के लिए कानून से अलग सत्ता के दावे से ये लक्ष्य हासिल नहीं होंगे. हार्वर्ड संघीय दबाव का सामना करने वाले कई कुलीन संस्थानों में से एक है. शिक्षा विभाग ने भी इसी तरह की असहमति के कारण पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय, ब्राउन और प्रिंसटन को दिए जाने वाले वित्तपोषण को रोक दिया है. ये रणनीति उन लोगों को दर्शाती है, जिन्होंने हाल ही में कोलंबिया विश्वविद्यालय को कई अरब डॉलर के वित्तपोषण में कटौती की धमकी के बाद अपनी नीतियों को संशोधित करने के लिए प्रेरित किया. गार्बर ने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय ने यहूदी विरोधी भावना को संबोधित करने के लिए व्यापक सुधार किए हैं, लेकिन जोर देकर कहा कि ये बदलाव हार्वर्ड की शर्तों पर किए जाने चाहिए, न कि सरकारी आदेश द्वारा किया जाना चाहिए.

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