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नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया को उम्मीद है कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच एक बार फिर बातचीत का रास्ता खुल सकता है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का निर्देश दिया है. ट्रंप के इस फैसले ने कूटनीतिक बातचीत की संभावना बढ़ाई है, वहीं दक्षिण कोरिया में सुरक्षा को लेकर चिंता भी पैदा हुई है. उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करता रहा है.
ट्रंप ने सैन्य अभ्यास में कटौती के पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला दिया है. किम जोंग उन इन्हें संभावित हमले की तैयारी के रूप में देखते हैं. माना जा रहा है कि अमेरिका की ओर से उठाया गया यह कदम किम के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय उत्तर कोरिया पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत स्थिति में है. उसके परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी और रूस के साथ सैन्य सहयोग ने किम का आत्मविश्वास बढ़ाया है. ऐसे में बड़ी रियायत के बिना उनके बातचीत के लिए तैयार होने की संभावना कम मानी जा रही है.
सोमवार सुबह से 11 दिनों तक चलने वाला उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हुआ. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के आदेश के बाद अभ्यास के किन हिस्सों में कितनी कटौती की जाएगी. ट्रंप के ऐलान से दक्षिण कोरिया में कई लोग हैरान हैं. दक्षिण कोरिया एशिया में अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है और उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को देखते हुए उसकी सुरक्षा नीति में अमेरिकी सैन्य समर्थन की अहम भूमिका है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि संयुक्त सैन्य अभ्यास काफी खर्चीला है और इससे उत्तर कोरिया को गलत तथा आक्रामक संदेश जाता है. उन्होंने दावा किया कि उनके पिछले कार्यकाल में उत्तर कोरिया ने अमेरिका के लिए कोई खतरा पैदा नहीं किया और सम्मानजनक व्यवहार किया. ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यास में बड़ी कटौती करने का निर्देश दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का साथ देने के बारे में पूछा था, लेकिन दक्षिण कोरिया ने इससे इनकार कर दिया.
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि ट्रंप और किम के बीच दोस्ताना बातचीत आगे बढ़ती है तो इससे अमेरिका-उत्तर कोरिया के बीच सार्थक संवाद की शुरुआत हो सकती है. सरकार का मानना है कि इससे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता पर चर्चा का रास्ता खुलेगा. दक्षिण कोरिया ने इस दिशा में कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही है. वहीं, अमेरिका और दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनाने के लिए सैन्य सहयोग पर भी बातचीत कर रहे हैं.
राष्ट्रपति ली जे म्युंग उत्तर कोरिया के साथ रिश्ते सुधारने के समर्थक हैं. सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें सीमा पर लगाए गए लाउडस्पीकर बंद करना भी शामिल है, जिनसे पहले उत्तर कोरिया की ओर तेज आवाज में संगीत और अंतरराष्ट्रीय खबरें प्रसारित की जाती थीं.