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ट्रंप प्रशासन ने बदले बंदूक रखने के नियम, अब दोषी ठहराए गए लोग भी कर सकेंगे अधिकार बहाली की मांग

अमेरिकी न्याय विभाग ने बंदूक रखने के अधिकार से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब कुछ ऐसे लोग, जिनका यह अधिकार अपराध के बाद छिन गया था, दोबारा इसे पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.

Calendar Last Updated : 18 August 2026, 10:28 AM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका में बंदूक रखने के अधिकार से जुड़े नियमों में ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा बदलाव किया है. अमेरिकी न्याय विभाग ने सोमवार से नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत कुछ ऐसे लोग भी अपने हथियार रखने का अधिकार वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिनका यह अधिकार आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद छिन गया था. न्याय विभाग की नई प्रक्रिया को अमेरिका में सेकंड अमेंडमेंट के समर्थकों की बड़ी जीत माना जा रहा है. लंबे समय से यह मांग की जाती रही है कि गैर-हिंसक अपराधों में दोषी ठहराए गए लोगों को भी परिस्थितियों के आधार पर बंदूक रखने का अधिकार दोबारा हासिल करने का मौका मिलना चाहिए.

अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि सेकंड अमेंडमेंट अमेरिकी नागरिकों के लिए कोई कम महत्वपूर्ण अधिकार नहीं है. उनके अनुसार, सरकार को किसी व्यक्ति को बिना यह देखे कि वह समाज के लिए खतरा है या नहीं, हमेशा के लिए इस संवैधानिक अधिकार से दूर नहीं रखना चाहिए. नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पात्र लोगों के लिए अधिकार वापस पाने की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है.

ऑनलाइन पोर्टल से कर सकेंगे आवेदन

अमेरिकी कानून के तहत जिन लोगों का बंदूक रखने का अधिकार अपराध के कारण खत्म हो गया है, वे सरकार के सामने इसे बहाल करने की अपील कर सकते हैं. हालांकि, 1992 से कांग्रेस ने संघीय एजेंसी एटीएफ को ऐसे आवेदनों पर कार्रवाई करने के लिए जरूरी धन उपलब्ध नहीं कराया था. इसके चलते यह प्रक्रिया लंबे समय से प्रभावी रूप से बंद रही. अब न्याय विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करने की नई व्यवस्था शुरू की है. विभाग का कहना है कि प्रत्येक आवेदन की अलग-अलग जांच की जाएगी. आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड, व्यवहार और समाज के लिए संभावित खतरे को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा.

कई लोगों के आवेदन फिर भी होंगे खारिज

नई व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को बंदूक रखने का अधिकार वापस मिल जाएगा. न्याय विभाग के मुताबिक हिंसक अपराधों में दोषी ठहराए गए लोगों, पंजीकृत यौन अपराधियों, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों और समाज के लिए खतरा माने जाने वाले अन्य व्यक्तियों के आवेदन सामान्य परिस्थितियों में खारिज किए जाएंगे.

पहले भी हथियार नियमों में दी ढील

ट्रंप प्रशासन के दौरान न्याय विभाग ने इस साल बंदूकों से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है. विभाग ने साइलेंसर और कुछ प्रकार की बंदूकों पर प्रतिबंध से जुड़े नियमों को हटाने वाले एक अदालत के फैसले के खिलाफ आगे अपील नहीं करने का फैसला भी लिया था. नई व्यवस्था को भी हथियार रखने के अधिकारों में राहत देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

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