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नई दिल्ली: गाजा में जारी युद्ध के बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के एक बयान ने विवाद बढ़ा दिया है. उन्होंने गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई और तेज करने की बात कही है. बेन-ग्विर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदा रणनीति पर भी असहमति जताई. गाजा के पूर्व बंधक रोम ब्रास्लावस्की के साथ एक पॉडकास्ट बातचीत में बेन-ग्विर ने कहा कि वह चाहते हैं कि गाजा में हर रात बड़ी संख्या में लक्षित हमले किए जाएं.
बेन-ग्विर ने करीब 30 से 40 लोगों को निशाना बनाए जाने की बात कही. उनका कहना था कि हाल के दिनों में गाजा पर इजरायली हमलों की रफ्तार कम हुई है, जिससे वह सहमत नहीं हैं. बेन-ग्विर ने साफ कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सोच से अलग राय रखते हैं.
इजरायल की राजनीति में बेन-ग्विर को दक्षिणपंथी धड़े के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है. इससे पहले भी गाजा और फिलिस्तीनियों को लेकर उनके कई बयान विवादों में रह चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल पर लगे नरसंहार के आरोपों से जुड़ी सुनवाई के दौरान भी इजरायली अधिकारियों के कुछ बयानों को सबूत के तौर पर पेश किया गया है. हालांकि, इजरायल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है.
बेन-ग्विर के पास सीधे तौर पर इजरायली सेना को आदेश देने का अधिकार नहीं है. वह देश की पुलिस और जेल सेवा की जिम्मेदारी संभालते हैं. इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था के एक अहम हिस्से में उनका प्रभाव है. वह गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर जाने और वहां इजरायली बस्तियां बसाने की वकालत भी कर चुके हैं.
बेन-ग्विर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब गाजा में संघर्ष खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास चल रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना को आगे बढ़ाने के लिए उनके दूत जेरेड कुशनर और निकोलाय म्लादेनोव ने काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों से मुलाकात की. बैठक में हमास के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस बीच गाजा में सैन्य कार्रवाई जारी है. इजरायली सेना ने खान यूनिस और नुसेरात में हमास तथा इस्लामिक जिहाद के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत और कम से कम पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.