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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने के दिए संकेत, ईरान को चारों तरफ से घेरने में जुटा

ईरान के खिलाफ अमेरिका कई मोर्चों पर दबाव बढ़ाता नजर आ रहा है. ट्रंप ने बड़े आर्थिक अभियान के संकेत दिए हैं, जबकि समुद्री गतिविधियां भी तेज हैं. इस बीच हिज्बुल्लाह पर नए प्रतिबंध और अंतरिक्ष मिशनों को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने आया है.

Calendar Last Updated : 21 August 2026, 10:52 AM IST
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नई दिल्ली: ईरान को घेरने के लिए अमेरिका अब एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय नजर आ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने के संकेत दिए हैं और इसे इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक लड़ाई बताया है. हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई नया आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि अमेरिका के अगले कदम की चपेट में कौन-कौन से देश, कंपनियां या वित्तीय संस्थान आ सकते हैं.

ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई कर सकता है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तेहरान तक पहुंचने वाले धन के स्रोतों को रोकना बताया जा रहा है. अमेरिका ने उन देशों को भी चेतावनी दी है, जो ईरान को आर्थिक मदद या किसी अन्य रूप में सहयोग देते हैं. हालांकि, प्रस्तावित कार्रवाई का पूरा खाका अभी सामने नहीं आया है. न तो नए प्रतिबंधों की विस्तृत सूची जारी हुई है और न ही यह बताया गया है कि किन देशों या संस्थाओं को सीधे निशाना बनाया जाएगा.

समंदर में भी अमेरिका का बढ़ता दबाव

ईरान पर दबाव केवल आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं है. अमेरिका समुद्री क्षेत्र में भी अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 20 अगस्त तक ईरान की नाकाबंदी के दौरान 67 व्यापारिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा. इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किए जाने और दो जहाजों पर चढ़कर जांच किए जाने की जानकारी भी दी गई. अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां लगातार जारी हैं. इसी दौरान USS Boxer से MV-22B Osprey विमानों की उड़ान भी देखी गई. यह जहाज ईरान पर लागू अमेरिकी नाकाबंदी से जुड़े अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है.

हिज्बुल्लाह के वित्तीय नेटवर्क पर भी कार्रवाई

ईरान पर बढ़ते दबाव के बीच अमेरिका ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ भी नए प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने संगठन के ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स से संबंधों का हवाला दिया है. अमेरिका ने हिज्बुल्लाह से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को भी निशाने पर लिया है. इन प्रतिबंधों का उद्देश्य संगठन तक पहुंचने वाले धन के रास्तों को सीमित करना है. हालांकि, यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ प्रस्तावित व्यापक आर्थिक अभियान से अलग मानी जा रही है.

2030 तक हर साल 1000 से ज्यादा स्पेस मिशन का लक्ष्य

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अंतरिक्ष क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. ट्रंप ने एक नए मेमो पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अंतरिक्ष मिशनों की रफ्तार तेज करने की योजना बनाई गई है. नए लक्ष्य के अनुसार, साल 2030 तक अमेरिका हर साल 1000 से अधिक रॉकेट लॉन्च और री-एंट्री मिशन संभालने की क्षमता विकसित करना चाहता है. फिलहाल दुनिया की नजर ट्रंप के अगले आधिकारिक आदेश पर टिकी है, जिससे ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक अभियान की असली तस्वीर साफ हो सकती है.

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