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टॉप 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 13 शहर, दिल्ली नहीं असम को मिला प्रदूषण में नंबर वन का दर्जा

Polluted Cities of World: भारत में ही नहीं दुनिया भर में प्रदूषण का स्त बढ़ा है. इसी बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में भारत के 13 शहरों का नाम शामिल किया गया है. इस लिस्ट में टॉप पर भी भारत का ही एक शहर है.

Calendar Last Updated : 11 March 2025, 08:44 AM IST
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Polluted Cities of World: दुनिया भर में प्रदूषण का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. जिसका साफ असर हमें मौसम के माध्यम से देखने को मिल रहा है. हालांकि इसी बी स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी ने IQ रिपोर्ट जारी कर दिए हैं. जिसमें 2024 में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों के नाम प्रकाशित किए हैं. जारी की गई लिस्ट के मुताबिक भारत को दुनिया के टॉप 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 का घर बताया गया है. जिसमें असम के बर्नीहाट को वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित शहर का दर्जा दिया गया है. 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को इस लिस्ट में सबसे प्रदूषित राजधानी में सबसे टॉप पर रखा गया है. हालांकि ओवर ऑल देखा जाए तो 2023 के मुकाबले भारत की स्थिति बेहतर हुई है, क्योंकि भारत इस बार तीन नंबर से खिसक कर पांचवें नंबर पर पहुंच चुका है. 

भारत की स्थिति सुधरी लेकिन फायदा नहीं

इस रिपोर्ट में भारत की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार की बात कही गई है. जिसमें PM2.5 सांद्रता में 7% की कमी दिखाई गई है. 2024 में औसत PM2.5 का स्तर 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जबकि 2023 में यह 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था. इस सुधार के बाद भी दुनिया के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से 6 शहरों के नाम अभी भी भारत से हैं. वहीं दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 शहर भारत के बताए गए हैं. यह रिपोर्ट भारत और भारत के लोगों के लिए चिंता का विषय है.

बर्नीहाट सबसे ज्यादा प्रदूषित

असम के शहर बर्नीहाट में वायु गुणवत्ता लगातार बहुत खराब दर्ज की गई है. इस क्षेत्र में 41 कारखानों से औद्योगिक उत्सर्जन, जिसमें लोहा और इस्पात संयंत्र, डिस्टिलरी, सीमेंट कारखाने और पेय पदार्थ उत्पादन इकाइयां शामिल हैं. जिसके कारण यहां कि स्थिति सुधरती नजर नहीं आ रही है. असम और मेघालय के बीच एक प्रमुख पारगमन केंद्र के रूप में बर्नीहाट का स्थान स्थिति को और खराब कर देता है, जहां कारखानों के कारण भारी ट्रक यातायात प्रदूषण भी स्थिति को बेकार करने में अपना योगदान देता नजर आया. स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में कोई समर्पित प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण नहीं है.

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