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Former Indian Navy Personnel: कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों को मिली मौत की सजा पर बोले एडमिरल आर हरि कुमार, दिया ये बयान

Former Indian Navy Personnel: इन सभी 8 पूर्व नौसनिकों को बीते महीने 26 नवंबर को कतर कि एक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. इस मामले पर भारत ने कहा था कि वह इस फैसले से बेहद ‘स्तब्ध’है और इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है.

Calendar Last Updated : 02 December 2023, 05:50 PM IST
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हाइलाइट्स

  • कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों को मिली मौत की सजा पर बोले एडमिरल आर हरि कुमार
  • सजा को लेकर एडमिरल आर हरि कुमार ने दिया ये बयान

Former Indian Navy Personnel: कतर में 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा पर नौसेना के एडमिरल चीफ जारी कुमार ने आज यानि शुक्रवार को अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा इन 8 पूर्व नौसैनिकों को हम वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसको लेकर भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. 

क्या बोले नेवी चीफ?

नौसेना के एडमिरल चीफ ने इन 8 पूर्व नौसैनिकों को मिली मौत की सजा पर कहा कि हम उनके हित सुनिश्चित कारण एके लिए निकटता से काम कर रहे हैं. भारत सरकार उनकी वापसी के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. बता दें, कि कतर कि एक कोर्ट ने इन 8 पूर्व सैनिकों को मौत कि सजा सुनाई है. 

मामले को लेकर क्या बोल विदेश मंत्रालय 

बता दें, कि इस पूरे मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि मामले को उच्च महत्व देते हुए सब ही कानूनी विकल्पों को तलाशा जा रहा है. हम इन आठों सैनिकों की देश वापसी को लेकर पूरी कोशिश कर रहे हैं. वहीं कतर के आधिकारियों कि तरफ से भारतीयों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया गया है. 

इस मामले में हिरासत में है आठों नौसैनिक 

इन सभी 8 पूर्व नौसनिकों को बीते महीने  26 नवंबर को कतर कि एक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. इस मामले पर भारत  ने कहा था कि वह इस फैसले से बेहद ‘स्तब्ध’ है और इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. इस मौत की सजा को लेकर अपील दायर की जा चुकी है. और कतर की एक कोर्ट ने इसे स्वीकार लिया है. इस अपील को जेल में बंद इन भारतीय नागरिकों की कानूनी टीम ने दायर की है.

ये सभी 8 नागरिक कतर की अल-दहरा कंपनी में काम कर रहे थे और इन सभी को पिछलेसाल जासूसी कतिथ मामले में हिरासत में लिया गया था. इन आठ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ आरोप 25 मार्च को दायर किए गए और उन पर कतर के कानून के तहत मुकदमा चलाया गया.  पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा था कि सभी अधिकारियों का भारतीय नौसेना में 20 साल तक का बेदाग कार्यकाल रहा है. 

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