Courtesy: Screen Grab X @PTI_News
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया. रामपुरा-कंवरपुरा गांव में देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया. इस दौरान CJP से जुड़े आशुतोष रांका के साथ भी धक्का-मुक्की की गई. कार्यकर्ताओं की पिटाई और वाहनों के शीशे तोड़े जाने की बात सामने आई है.
रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति को लेकर लंबे समय से ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है. इसी मुद्दे को लेकर CJP के कार्यकर्ता स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे. ग्रामीणों ने उनके पहुंचने का विरोध किया और उन्हें मौके से जाने के लिए कहा.
VIDEO | Jaipur, Rajasthan: Cockroach Janata Party (CJP) co-convenor Ashutosh Ranka and others chased away by locals as they tried to visit Bagru village. #CJP #JaipurNews
— Press Trust of India (@PTI_News) August 21, 2026
(Full video available to PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ZivHSEFqaO
इसके बाद कुछ ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर बैठ गए. इसी बीच आशुतोष रांका भी गांव पहुंचे. उनके आने के बाद विरोध और तेज हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रांका और ग्रामीणों के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इसके बाद CJP के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें वहां से दौड़ाया गया. कुछ वाहनों के शीशे टूटने की भी जानकारी सामने आई है.
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. दूसरी ओर, ग्रामीणों ने CJP पर स्कूल के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया.
यह वहाँ के गाँव वाले नहीं भाजपा के बुलाये हुए गुंडे है। इनका सरगना कमल प्रधान वहाँ गरीब लोगों की ज़मीन पर कब्जे का काम करता है।
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) August 21, 2026
बच्चों को भैंसों में तबेले में पढ़ाया जा रहा है, और यह रोकने पर भाजपा अपने गुंडे भेज रही है।
क्या शर्मनाक स्थिति है। https://t.co/8A3SeYvpHR https://t.co/Z4g4aHZXCq
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का भवन लंबे समय से खराब हालत में है. ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा के मुताबिक, स्कूल भवन का निर्माण 1999 में हुआ था, लेकिन बाद में इसकी पर्याप्त मरम्मत नहीं हुई.
अब बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव के एक बड़े भवन में दो कमरे उपलब्ध कराए गए हैं, जहां करीब 20-30 बच्चे पढ़ रहे हैं. ग्रामीणों ने सरकार से स्कूल भवन का जल्द निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है. ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर बैठे हैं, जबकि पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है. स्कूल की बदहाली को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है.