menu-icon
The Bharatvarsh News

पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट डॉक्टरों को बड़ी राहत, सैलरी में बंपर इजाफा

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेशभर के अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए बड़ी घोषणा की है, जिससे उनका वेतन अब पहले से अधिक बढ़ जाएगा. मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों के वेतन में 10,000 से 15,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की बात की है. इस फैसले को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि राज्यभर में रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था.

Calendar Last Updated : 24 February 2025, 07:00 PM IST
Share:

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेशभर के अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए बड़ी घोषणा की है, जिससे उनका वेतन अब पहले से अधिक बढ़ जाएगा. मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों के वेतन में 10,000 से 15,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की बात की है. इस फैसले को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि राज्यभर में रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के अलीपुर स्थित धन धान्य ऑडिटोरियम में डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा, "हमने पहले भी सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन में वृद्धि की थी, लेकिन अब इसमें और बदलाव किया गया है." इसके तहत, डिप्लोमा धारक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों का वेतन अब 65,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये किया जाएगा, जबकि पोस्ट-ग्रेजुएट डॉक्टरों को 70,000 रुपये की बजाय अब 85,000 रुपये मिलेंगे. पोस्ट-डॉक्टरेट डॉक्टरों का वेतन अब 1 लाख रुपये होगा. 

मेदिनीपुर के जूनियर डॉक्टरों का निलंबन वापस

मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया. उन्होंने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के 12 जूनियर डॉक्टरों का निलंबन वापस लेने का ऐलान किया. ये डॉक्टर 6 जनवरी को एक महिला के प्रसव के दौरान हुई मौत और चार अन्य महिलाओं के बीमार पड़ने के मामले में लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पुलिस जांच में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई, लेकिन उनकी भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए निलंबन को वापस लिया गया है.

प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति

मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को एक और राहत दी, जिसमें सरकारी अस्पतालों में आठ घंटे की ड्यूटी के बाद उन्हें 30 किलोमीटर के दायरे में प्राइवेट प्रैक्टिस करने की अनुमति दी गई. उन्होंने कहा, "चिकित्सा पेशेवर मानवता का चेहरा होते हैं, और उनका थोड़ा सा योगदान मरीजों के लिए बहुत मददगार हो सकता है."

डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान

सीएम ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की चिंता को भी स्पष्ट किया. पिछले साल कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर के साथ हुई अप्रिय घटना के बाद डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे. मुख्यमंत्री ने अस्पतालों की सुरक्षा को और मजबूत करने का वादा किया है.

सम्बंधित खबर

Recent News