ममता बनर्जी की सद्भाव रैली करने की घोषणा पर भाजपा ने साधा निशाना, कहा- सांप्रदायिक तनाव भड़काने...

BJP On Mamata Banerjee Rally: अमित मालवीय ममता बनर्जी की रैली की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम को राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक तनाव भड़काने से बचना चाहिए.

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हाइलाइट्स

  • ममता बनर्जी की सद्भाव रैली करने की घोषणा पर भाजपा ने साधा निशाना
  • कहा-सीएम को सांप्रदायिक तनाव भड़काने से बचना चाहिए

BJP On Mamata Banerjee Rally: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज (16 जनवरी) एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि 22 जनवरी राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)  सद्भाव रैली करेगी. जो सभी धर्म को मानने वाले लोगों के लिए होगी. वहीं  टीएमसी पूरे पश्चिम बंगाल में ब्लॉक स्तर पर सर्व धर्म रैली का आयोजन  करेगी.  जिसकी थीम सभी 'धर्म बराबर है' होगी. इस दिन ममता बनर्जी कोलकाता में  स्थित कालीघाट मंदिर भी जाएंगी. जिसके बाद वह मार्च निकलेंगी. इसे लेकर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निशाना साधा है.

उन्होंने ममता बनर्जी की रैली की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम को राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक तनाव भड़काने से बचना चाहिए.   

सीएम ममता बनर्जी ने क्या कहा?

सीएम ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 22 जनवरी को एक रैली करूंगी. जिसकी शुरुआत काली मंदिर से होगी, जहां मैं काली मां की पूजा करूंगी. इसके बाद हम हाजरा से पार्क सर्कस मैदान तक के अंतरधर्मिक रैली करेंगे. रैली में शामिल होने के लिए सभी का स्वागत है. इसमें सभी धर्मों के लोग मौजूद रहेंगे.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ममता बनर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं से राज्य के सभी जिलों मए न इसी तरह की रैलियां आयोजित करने के लिए कहा है. सीएम ने कहा,"प्राण प्रतिष्ठा करना हमारा काम नहीं हैं, यह धर्माचार्यों का कार्य है, हमारा काम बुनियादी ढांचा तैयार करना है. 

क्या बोले अमित मालवीय?

भाजपा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''शुभ 22 जनवरी 2024 को जब भारत अयोध्या धाम में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी बनेगा, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए कोलकाता और उसके आसपास के ब्लॉकों में एक राजनीतिक कार्यक्रम, 'सर्व धर्म' रैली का एलान किया है. यह उस दिन सांप्रदायिक टकराव के लिए जमीन तैयार करने के अलावा और कुछ नहीं है जब हिंदू व्रत रखेंगे, अनुष्ठान करेंगे और मंदिरों में जाएंगे.''

सभी ने देखा है और सब जानते हैं कि कैसे उन्होंने पूरे बंगाल में रामनवमी शोभा यात्रा पर पथराव की अनुमति दी थी, जबकि केवल छह दिन बाद हनुमानोत्सव के दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई, जब केंद्रीय बल तैनात किया गया था. हमने देखा कि पिछले हफ्ते ही पुरुलिया में साधुओं के साथ मारपीट की गई, जबकि शाहजहां शेख जैसा अपराधी लगातार फरार है.

इसी के साथ  मालवीय ने कहा, ''ममता बनर्जी को राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक तनाव फैलाने से बचना चाहिए और 22 जनवरी को राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने के अपने फैसले पर एक बार और सोचना चाहिए. वहीं मालवीय ने आखिरी में कहा, ''राज्य की कानून व्यवस्था उनकी (सीएम ममता) जिम्मेदारी है और उस दिन किसी भी अप्रिय घटना के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगी.''