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पैंक्रियाटिक कैंसर रिसर्च में एक बड़ी सफलता, यह बीमारी क्या है और इसके लक्षणों को कैसे पहचानें?

पैंक्रियाटिक कैंसर रिसर्च में एक बड़ी सफलता हाासिल हुई है. एक स्पेनिश स्टडी से पता चला है कि तीन दवाओं वाली थेरेपी ने चूहों में ट्यूमर को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया. इस जानलेवा कैंसर के लक्षणों और जोखिम कारकों के बारे में जानें.

Calendar Last Updated : 31 January 2026, 05:14 PM IST
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नई दिल्लीः पैंक्रियाटिक कैंसर (Cancer) के सबसे जानलेवा रूपों में से एक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हालांकि यह दुनिया भर में 12वां सबसे आम कैंसर है. इसकी मृत्यु दर चौंकाने वाली रूप से बहुत ज्यादा है. इंसानों में यह कैंसर से होने वाली मौतों का छठा सबसे बड़ा कारण बन गया है. उच्च मृत्यु दर के कई कारण हैं, जिनमें देर से निदान, इसका आक्रामक स्वभाव और अधिकांश उपचारों के प्रति प्रतिरोध शामिल है. वहीं एक पैंक्रियाटिक कैंसर रिसर्च में सफलता हासिल हुई है. आइए इस सफलता के बारे में और साथ ही पैंक्रियाटिक कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में विस्तार से जानें, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए.

एक अच्छी खबर

स्पेनिश वैज्ञानिकों ने चूहों में पैंक्रियाटिक कैंसर रिसर्च में एक बड़ी सफलता हासिल की है. जहां तीन दवाओं वाली थेरेपी ने KRAS पाथवे को टारगेट करके ट्यूमर को खत्म कर दिया. चूहों में बिना किसी बड़े साइड इफेक्ट के ट्यूमर गायब हो गए. आमतौर पर कैंसर के इलाज के भी गंभीर साइड इफेक्ट होते हैं जो स्वास्थ्य को और खराब करते हैं, लेकिन यह विकास आशाजनक है. यह स्टडी 2 दिसंबर, 2025 को PNAS में प्रकाशित हुई थी.

स्टडी में यह पाया

रिसर्च में एक खास तरह के पैंक्रियाटिक कैंसर, पैंक्रियाटिक डक्टल एडेनोकार्सिनोमा (PDAC) का अध्ययन किया गया. शोधकर्ताओं के अनुसार, इस प्रकार के पैंक्रियाटिक कैंसर में जीवित रहने की दर बहुत कम होती है. पिछले रिसर्च में वैज्ञानिकों ने RAS इनहिबिटर से ट्यूमर का इलाज करने की कोशिश की थी. ट्यूमर KRAS जीन में म्यूटेशन के कारण विकसित हुए थे. हालांकि, इस इलाज के साथ मुख्य समस्या यह थी कि शुरू में आशाजनक परिणाम दिखाने के बावजूद, ट्यूमर ने जल्दी ही प्रतिरोध विकसित कर लिया. इससे सिंगल-ड्रग थेरेपी अप्रभावी हो गई.

नया रिसर्च

इस नए रिसर्च में स्टडी के निष्कर्षों के आधार पर वैज्ञानिकों ने पिछली थेरेपी की तरह सिर्फ KRAS पाथवे को ब्लॉक करने के बजाय कई पाथवे को टारगेट किया. इस इलाज में तीन दवाओं के कॉम्बिनेशन वाली ट्रिपल-ड्रग थेरेपी का इस्तेमाल किया गया. इसने दवा देने के 200 से ज्यादा दिनों के बाद भी चूहों में बिना किसी ट्यूमर प्रतिरोध के ट्यूमर को खत्म कर दिया. यह इलाज इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि तीन दवाओं के कॉम्बिनेशन ने एक सुरक्षित प्रोफाइल दिखाया, जिसका मतलब है कि कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं थे.

नए रास्ते भी खोलता है

यह पैंक्रियाटिक कैंसर रिसर्च में एक बड़ा मील का पत्थर और एक कदम आगे है, क्योंकि पैंक्रियाटिक कैंसर के ट्यूमर अक्सर दवा प्रतिरोधी हो जाते हैं, लेकिन यह स्टडी उम्मीद देती है कि एक साथ कई KRAS पाथवे पर हमला करके ट्यूमर को खत्म किया जा सकता है. यह बेहतर इलाज और बेहतर जीवित रहने की दरों के लिए नए रास्ते भी खोलता है.

पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण

पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण दूसरी बीमारियों जैसे हो सकते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है, जिससे देर से निदान होता है. पहला कदम चेतावनी के संकेतों को पहचानना है, जो समय पर पता लगाने और बेहतर नतीजों में मदद कर सकता है.

पेट और पीठ दर्द: ऊपरी पेट और बीच या ऊपरी पीठ में हल्का दर्द जो आता-जाता रहता है.
पीलिया: त्वचा और आँखों का पीला पड़ना, गहरा पेशाब, पीला, चिकना मल जो टॉयलेट में तैरता है, और खुजली वाली त्वचा.
वजन कम होना: बिना किसी कारण के और अनजाने में वजन कम होना.
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) समस्याएं: भूख न लगना, अपच, मतली, उल्टी, पेट फूलना या गैस.
थकान: बहुत ज्यादा थकावट या मधुमेह.

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