नई दिल्ली: पाकिस्तान से एक नो बॉल का एक अजीबोगरीब मामला सामने आ रहा है. जिस कारण एक बार फिर से पाकिस्तानी खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग के मामले में शक के घेरे में आ चुके हैं. इस नो बॉल ने सोशल मीडिया ने हंगामा मचा दिया है. इस गेंद की तुलना तुरंत पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे चर्चित विवादों में से एक, 2010 स्पॉट-फिक्सिंग मामले से की जाने लगी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें यह घटना 14 मार्च को पेशावर के इमरान खान क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए नेशनल टी20 कप मुकाबले के दौरान हुई, जहां कराची ब्लूज और लाहौर ब्लूज आमने-सामने थीं. इस मैच में पाकिस्तानी गेंदबाज असद अख्तर ने एक ओवर में 21 रन दिए. जिसमें दो वाइड और दो नो-बॉल शामिल थे.
खास तौर पर एक नो-बॉल में उनका पैर क्रीज से काफी आगे निकल गया, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगने लगे.
Fixing suspicion?
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) March 15, 2026
That no-ball from Asad Akhtar in Pakistan’s National T20 Cup wasn’t just big, it was alarmingly big. This ball instantly brings back memories of the infamous no-ball from Mohammad Amir during the spot-fixing scandal.
Then there were two wides and two no-balls… pic.twitter.com/wk25tZZWZO
इस घटना के बाद अख्तर की इस गलती की तुलना तुरंत मोहम्मद आमिर की 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ फेंकी गई नो-बॉल से की गई. वह नो-बॉल बाद में स्पॉट-फिक्सिंग घोटाले का हिस्सा साबित हुई थी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.
इस बीच पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर अब्दुल रज्जाक ने 2010 के उसी विवाद से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उस समय इंग्लैंड दौरे के दौरान एक संयोग से इस साजिश की जानकारी टीम तक पहुंची थी. रज्जाक के मुताबिक, उनके एक दोस्त को एजेंट मजहर मजीद के फोन में ऐसे संदेश मिले थे, जिनमें मैच फिक्सिंग की योजना का जिक्र था.
रज्जाक ने बताया कि उनके दोस्त ने मोबाइल ठीक करते समय ये संदेश देखे और तुरंत उन्हें जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने उस समय के वरिष्ठ खिलाड़ी शाहिद अफरीदी को इस बारे में बताया. यह जानकारी टीम के भीतर गंभीर चिंता का कारण बनी.