menu-icon
The Bharatvarsh News

चंद्रयान-4 को 2027 में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा : केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली:  भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत वर्ष 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से चट्टानों के नमूने एकत्र करना और उन्हें पृथ्वी पर लाना होगा. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

Calendar Last Updated : 06 February 2025, 06:47 PM IST
Share:

नई दिल्ली:  भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत वर्ष 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से चट्टानों के नमूने एकत्र करना और उन्हें पृथ्वी पर लाना होगा. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

चंद्रयान-4 मिशन का विवरण

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि चंद्रयान-4 मिशन के तहत दो अलग-अलग प्रक्षेपण किए जाएंगे. इस मिशन में अत्यधिक वजन उठाने वाले प्रक्षेपण यान (एलवीएम) के माध्यम से पांच उपकरणों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, जिन्हें एक दूसरे से जोड़ा जाएगा. इस मिशन की सफलता भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगी.

गगनयान और समुद्रयान मिशन

भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन का लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और सुरक्षित रूप से उन्हें धरती पर वापस लाना है. मंत्री ने यह भी बताया कि गगनयान मिशन के तहत रोबोट 'व्योममित्र' को इस वर्ष अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

सिंह ने कहा कि भारत अगले साल समुद्रयान मिशन को लॉन्च करेगा, जिसके अंतर्गत तीन वैज्ञानिकों को एक विशेष पनडुब्बी के माध्यम से महासागर की 6,000 मीटर गहराई तक भेजा जाएगा. यह मिशन समुद्र की सतह का अन्वेषण करने के लिए महत्वपूर्ण होगा और भारत की वैज्ञानिक क्षमता को प्रदर्शित करेगा.

समुद्रयान मिशन के लाभ

इस मिशन का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ धातुओं और समुद्री जैव विविधता का पता लगाना है, जो भारत की आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए लाभकारी साबित हो सकता है. मंत्री ने कहा, "यह मिशन भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी और देश की वैज्ञानिक उत्कृष्टता की यात्रा में एक और कदम होगा."

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का विकास

सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के तहत पिछले एक दशक में अभूतपूर्व विकास हुआ है. उन्होंने बताया कि इसरो अब तीसरे प्रक्षेपण स्थल की तैयारी कर रहा है, जिसमें तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में एक नया प्रक्षेपण स्थल स्थापित किया जा रहा है.

भारत की बढ़ती अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था

मंत्री ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था वर्तमान में 8 अरब अमेरिकी डॉलर की है और अगले 10 वर्षों में यह बढ़कर 44 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. "नए बुनियादी ढांचे, निजी भागीदारी और रिकॉर्ड निवेश के साथ, भारत आने वाले वर्षों में बड़ी अंतरिक्ष उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है," उन्होंने कहा

(इस खबर को भारतवर्ष न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)

सम्बंधित खबर

Recent News