Courtesy: Pinterest
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगले छह महीनों में राज्य के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी. उन्होंने बताया कि नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह बांटे जाएंगे. मुख्यमंत्री के मुताबिक, ज्यादातर भर्ती परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और अब परिणाम जारी करने की प्रक्रिया चल रही है. सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को नौकरी के लिए लंबे समय तक इंतजार करते देखना अच्छा नहीं लगता. उन्होंने आयोगों और भर्ती बोर्डों से परिणाम जारी करने की समयसीमा और कम करने को कहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में ‘मिशन रोजगार’ के तहत आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में यह घोषणा की. कार्यक्रम में कृषि विभाग में प्राविधिक सहायकों और राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में मंडी सचिव के पदों पर चयनित 3400 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए. सीएम का कहना है कि जब संस्थाओं को काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है, तो भर्तियों के परिणाम भी तय समय पर आने चाहिए.
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाओं और परिणामों में काफी समय लग जाता था.उन्होंने दावा किया कि अब यूपी बोर्ड की परीक्षाएं केवल 14 दिनों में पूरी हो रही हैं और इसके अगले 14 दिनों में परिणाम भी घोषित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से राज्य के छात्र कम समय में अपना परिणाम प्राप्त कर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी और युवाओं को परेशान होना पड़ता था. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और किसी भी नियुक्ति पर सवाल नहीं उठा है. उन्होंने कहा कि पहले भर्ती निकलने के बाद युवाओं को परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. कई मामलों में विवाद के कारण अदालत से रोक लग जाती थी, जिससे युवाओं का समय और उम्र दोनों प्रभावित होते थे.
योगी ने कहा कि बेरोजगारी के लिए युवाओं को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं था. उनके अनुसार, पहले की राजनीतिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण योग्य उम्मीदवारों को परेशानी उठानी पड़ती थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.