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नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर बातचीत जारी है. इसी बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की हैं. बता दें, दोनों के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तरीकों पर बातचीत हुई है.
डोभाल भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि तंत्र की 25वीं बैठक में शामिल होने के लिए दो दिन के चीन दौरे पर हैं. 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आया था. ऐसे में दोनों देशों के बीच संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिशों के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है.
भारतीय दूतावास के मुताबिक, विशेष प्रतिनिधियों की बैठक से पहले डोभाल ने हान झेंग से मुलाकात की. इस दौरान सीमा से जुड़े इलाकों में शांति बनाए रखने और तनाव की स्थिति से बचने पर चर्चा हुई.इसके साथ ही आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी बात हुई.
On 25 August, NSA and Special Representative on the India-China Boundary Question, Shri Ajit Doval called on H.E. Han Zheng, Vice President of the People's Republic of China. Prior to the 25th Round of the SR Talks today, NSA and VP Han discussed ways to strengthen peace &… pic.twitter.com/Mm34aOiAp6
— India in China (@EOIBeijing) August 25, 2026
डोभाल इसके बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत में शामिल होने वाले हैं. भारत-चीन सीमा विवाद पर बातचीत के लिए विशेष प्रतिनिधि व्यवस्था साल 2003 में शुरू की गई थी. फिलहाल डोभाल भारत और वांग यी चीन की ओर से इस तंत्र के विशेष प्रतिनिधि हैं.
2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में तनाव काफी बढ़ गया था. पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक सैन्य तैनाती रही. इसके बाद दोनों देशों ने सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत के जरिए हालात सुधारने की कोशिश की. हालांकि, सीमा विवाद और अरुणाचल प्रदेश को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं.
डोभाल का चीन दौरा ऐसे समय हो रहा है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में शामिल होने की संभावना पर नजर है. अगर वह भारत आते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी हो सकती है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि डोभाल और वांग यी की बातचीत में सीमा विवाद के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी.