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अमेरिका 'इकोनॉमिक आउटकास्ट' ऑपरेशन के तहत कर रहा ईरान को आर्थिक रूप से घेरने की तैयारी

अमेरिका ने ईरान के आर्थिक नेटवर्क को निशाना बनाते हुए दुनिया के देशों और कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है. नए प्रतिबंधों और कड़ी चेतावनियों के बीच ईरान ने भी अमेरिकी धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है.

Calendar Last Updated : 25 August 2026, 11:18 AM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से घेरने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है और दुनिया भर के देशों को साफ चेतावनी दी है. वॉशिंगटन ने कहा है कि जो देश या कंपनियां तेहरान की आर्थिक मदद करने वाली गतिविधियों से खुद को अलग नहीं करेंगी, उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. इस नई रणनीति से ईरान और उसके व्यापारिक साझेदारों पर दबाव बढ़ने की संभावना है.

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उन आर्थिक रास्तों को बंद करना है, जिनके जरिए ईरान पैसा जुटाता है और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करता है. अमेरिका चाहता है कि ईरानी सरकार तक पहुंचने वाली हर बड़ी वित्तीय मदद को रोका जाए.

ईरान की आर्थिक लाइफलाइन काटने की तैयारी

स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका अब सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि तेहरान के साथ व्यापार या वित्तीय लेन-देन करने वाले देशों और कंपनियों पर भी नजर रखेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग या संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में मदद करने वाली किसी भी संस्था को अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर किया जा सकता है. बेसेंट के मुताबिक, वाशिंगटन का उद्देश्य उन सभी आर्थिक सहारों को खत्म करना है, जिनसे ईरानी सरकार को मजबूती मिलती है. अमेरिका की कोशिश है कि आर्थिक दबाव बढ़ाकर तेहरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जाए.

60 से ज्यादा संस्थाओं और जहाजों पर प्रतिबंध

यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान से जुड़े करीब 60 संस्थानों, व्यक्तियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ये कार्रवाई तेल कारोबार, परमाणु गतिविधियों, मिसाइल कार्यक्रम और साइबर नेटवर्क से जुड़े लोगों और संगठनों को निशाना बनाकर की गई है. बेसेंट ने बताया कि अमेरिकी एजेंसियों ने उन नेटवर्कों की पहचान कर ली है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल की खरीद-बिक्री, फंड तक पहुंच और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता रहा है.

'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत कार्रवाई

अमेरिका ने अपने इस अभियान को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' नाम दिया है. बेसेंट का कहना है कि इसके तहत ईरान के तेल नेटवर्क, उसकी मदद करने वालों और प्रतिबंधों से बचने के रास्तों की पहचान की जा चुकी है. अमेरिका अब अलग-अलग देशों की सरकारों से इन गतिविधियों पर कार्रवाई करने को कह रहा है. बेसेंट ने बताया कि देशों को पालन के लिए एक तय समय-सीमा दी गई है, हालांकि उन्होंने इसकी अंतिम तारीख सार्वजनिक नहीं की.

गलिबाफ बोले- अमेरिका की धमकियों से नहीं डरेंगे

उधर, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलिबाफ ने अमेरिकी चेतावनी को खारिज कर दिया है. उन्होंने वाशिंगटन की धमकियों को सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें बताया और कहा कि ईरान के व्यापारिक साझेदार अमेरिकी प्रतिबंधों के आगे झुकने वाले नहीं हैं.

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