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Covid-19: देश में कोरोना पसार रहा पांव, कोरोना का नया वैरिएंट होने की आशंका, JN.1 के 63 केस अबतक!

Covid-19: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने टेंशन बढ़ा दी है. इसका नया वैरिएंट JN.1 इसमें ईंधन का काम कर रहा है. रविवार तक देश में कोरोना के नए वेरिएंट के मामले बढ़कर 63 हो गए हैं.

Calendar Last Updated : 26 December 2023, 07:21 AM IST
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हाइलाइट्स

  • कोरोना के बढ़ते मामलों ने टेंशन बढ़ाई
  • कोरोना के नए वैरिएंट के केस बढ़कर 63 हो गए हैं

Covid-19: अचानक से कोरोना के मामले बढ़ने से लोगों में चिंता है. टेंशन की एक वजह इसका नया वैरिएंट JN.1 है. रविवार तक देश में नए वैरिएंट के 63 मामले सामने आए. वहीं, 24 घंटे में कोविड-19 के 628 नए मामले दर्ज किए गए. इसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हो गई. कर्नाटक में कोरोना का कहर जारी है. सोमवार को राज्य में कोविड-19 के 125 नए मामले सामने आए. संक्रमण से तीन मरीजों की मौत हो गयी.

वहीं, केरल में एक मरीज की मौत हो गई. कोरोना के बढ़ते मामलों को इसके नए वेरिएंट से भी जोड़कर देखा जा रहा है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार एक्शन मोड में है.

रविवार तक कोरोना सब-वेरिएंट JN.1 के 63 मामले आए सामने

रविवार तक देश में कोरोना सब-वेरिएंट JN.1 के 63 मामले सामने आए थे. इनमें से 34 मामले गोवा में पाए गए. महाराष्ट्र से नौ, कर्नाटक से आठ, केरल से छह, तमिलनाडु से चार और तेलंगाना से दो मामले सामने आए. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत में वैज्ञानिक समुदाय कोरोना वायरस के नए उप-वेरिएंट की बारीकी से जांच कर रहा है. राज्यों को परीक्षण बढ़ाने और अपनी निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है.

अधिकारियों ने कहा कि भले ही मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.1 उप-संस्करण का पता चला है. लेकिन, तत्काल चिंता का कोई कारण नहीं है. कारण यह है कि 92 फीसदी संक्रमित लोग घर पर रहकर ही इलाज को चुन रहे हैं. इससे पता चलता है कि नए सब-वेरिएंट के लक्षण हल्के हैं. अस्पताल में भर्ती होने की दर में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किये आंकड़े

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 628 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हो गई है. कोरोना वायरस का JN.1 (BA.2.86.1.1) सब-वेरिएंट अगस्त में लक्ज़मबर्ग में सामने आया था. यह SARS CoV-2 के BA.2.86 (पिरोला) का वंशानुगत घटक है.

कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देख टेस्टिंग बढ़ाने की योजना बनाई जा रही

कोविड-19 के बढ़ते मामलों और जेएन.1 में तनाव के बीच दिल्ली सरकार ने इस पर नजर रखने और टेस्टिंग बढ़ाने की योजना बनाई है. दिल्ली में डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने, भीड़ से बचने और स्वस्थ आहार खाने की सलाह दी है. ओमीक्रॉन वेरिएंट के साथ कोविड महामारी की विनाशकारी तीसरी लहर के कारण 2022 में दिल्ली में संक्रमण में रिकॉर्ड वृद्धि हुई. अन्य स्थानों की तरह, डेल्टा वेरिएंट के कारण होने वाली दूसरी लहर ने 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में कहर बरपाया.

कोरोना को लेकर केंद्र और दिल्ली दोनों सरकारें सतर्क

इसे लेकर केंद्र और दिल्ली दोनों सरकारें सतर्क हैं उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से योजना बना ली है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने 20 दिसंबर को कहा था कि ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर बेड और अन्य आवश्यकताओं की फिर से समीक्षा की जा रही है. JN.1 संक्रामक है, लेकिन हल्का है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से सतर्क है. भारद्वाज ने 14 दिसंबर को शहर के चार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था.

एक अस्पताल में साफ-सफाई में लापरवाही पर प्रशासन को फटकार लगायी गयी. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए. भारद्वाज ने जिन अस्पतालों का दौरा किया उनमें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, दादा देव अस्पताल, इंदिरा गांधी अस्पताल और सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर शामिल थे.

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