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नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में महिला उम्मीदवारों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की, जिसमें आप की आतिशी समेत कुल पांच महिला उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. हालांकि, 2020 में इस संख्या में आठ महिलाएं विजयी हुई थीं, लेकिन इस बार भी महिलाओं की जीत का अहम योगदान रहा.
दिल्ली के निवर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी ने इस बार एक बार फिर अपनी कालकाजी सीट पर विजय हासिल की. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के रमेश बिधूड़ी को 3,521 वोटों के अंतर से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी. यह जीत न केवल आतिशी के लिए, बल्कि आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि वह इस बार जीतने वाली पार्टी की एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं. आतिशी का यह चुनावी प्रदर्शन उनके राजनीतिक करियर में एक मील का पत्थर साबित हुआ.
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी चार महिला उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में सफलता हासिल की. शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, वजीरपुर से पूनम शर्मा, नजफगढ़ से नीलम पहलवान और ग्रेटर कैलाश से शिखा रॉय ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल की. इन महिला उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी चुनावी बिसात पर जमकर मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप वे जीतने में सफल रही.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी और उनके जीतने की बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि भारतीय राजनीति में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बदलाव आ रहा है. हालांकि, पिछली बार की तुलना में संख्या में गिरावट आई है, लेकिन फिर भी महिलाओं का राजनीति में बढ़ता प्रभाव और उनकी लगातार बढ़ती सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा करता है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल मिलाकर महिलाओं का चुनावी परिदृश्य सकारात्मक रहा. आतिशी की जीत, जबकि वे एकमात्र महिला उम्मीदवार थीं, के साथ भाजपा की चार महिला उम्मीदवारों ने भी अपनी जीत दर्ज की. इस प्रकार, महिलाओं की राजनीतिक भूमिका और भागीदारी में लगातार सुधार हो रहा है. यह दिखाता है कि भारतीय राजनीति में महिलाओं का योगदान भविष्य में और भी महत्वपूर्ण होगा.