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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है. बता दें, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली में भी चल रही है. अधिकारियों के मुताबिक, PMLA के तहत दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में करीब 10 परिसरों की तलाशी ली जा रही है.
ED के अनुसार, जांच सरकारी ठेकों से जुड़े पैसों के कथित दुरुपयोग और निजी ठेकेदारों के जरिए रकम के लेनदेन से जुड़ी है. वहीं एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि विश्वविद्यालय और ट्रस्ट की संपत्तियों के निर्माण में इन पैसों का कहीं इस्तेमाल तो नहीं हुआ. छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने क्या कहा चलिए जानते है.
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई है. आरोप है कि सरकारी ठेकों से फायदा उठाने वाले कुछ ठेकेदारों ने ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थानों को पैसे दिए. वहीं इन रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर दान और निर्माण कार्यों में किया गया.
जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान ED की टीम वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर सरकारी धन से जुड़ी रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया.
बता दें, इस मामले में लखनऊ स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का नाम भी सामने आया है और आजम खान इस ट्रस्ट के मुख्य न्यासी हैं। उनके परिवार के सदस्य और कुछ सहयोगी भी ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं. कहा जा रहा है कि ट्रस्ट रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और एक पब्लिक स्कूल चलाता है.
#WATCH उत्तर प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2026
(वीडियो सोर्स: ED) pic.twitter.com/JKaZsr6Yln
ED की यह कार्रवाई सरकारी ठेकों, ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा है. फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के दौरान मिलने वाले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर की जा सकती है.