menu-icon
The Bharatvarsh News

गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ शिकायत संबंधी नोटिस भेजने के प्रयास जारी: एसईसी

New York : अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने न्यूयॉर्क में एक संघीय न्यायाधीश को सूचित किया कि वह भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भाई सागर अदाणी के खिलाफ शिकायत संबंधी नोटिस भेजने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है. एसईसी ने यह भी बताया कि इसके लिए भारतीय अधिकारियों से सहायता की मांग की गई है.

Calendar Last Updated : 19 February 2025, 11:00 AM IST
Share:

New York : अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने न्यूयॉर्क में एक संघीय न्यायाधीश को सूचित किया कि वह भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भाई सागर अदाणी के खिलाफ शिकायत संबंधी नोटिस भेजने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है. एसईसी ने यह भी बताया कि इसके लिए भारतीय अधिकारियों से सहायता की मांग की गई है.

भारतीय उद्योगपतियों के खिलाफ शिकायत

एसईसी ने मंगलवार को न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के 'यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट' के न्यायाधीश निकोलस गरौफिस के सामने एक स्थिति रिपोर्ट पेश की. इसमें एसईसी ने बताया कि गौतम और सागर अदाणी भारत में स्थित हैं, और उनकी शिकायत का नोटिस भेजने के लिए एसईसी के प्रयास लगातार जारी हैं. इसके लिए एसईसी ने भारतीय अधिकारियों से दीवानी और वाणिज्यिक मामलों में न्यायिक एवं न्यायेतर दस्तावेजों की सेवा हेतु 'हेग सर्विस कन्वेंशन' के तहत मदद का अनुरोध किया है.

शिकायत के मुख्य आरोप

एसईसी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि गौतम और सागर अदाणी ने 'अदाणी ग्रीन' द्वारा सितंबर 2021 में की गई ऋण पेशकश के संबंध में जानबूझकर या लापरवाही से गलत और भ्रामक बयान दिए, जिससे संघीय प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन हुआ. एसईसी ने यह भी कहा कि चूंकि दोनों प्रतिवादी विदेश में रहते हैं, इसलिए समन और शिकायत जारी करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले संघीय दीवानी प्रक्रिया नियम (एफआरसीपी) के नियम 4(एफ) के तहत कार्यवाही की जा रही है.

गौतम और सागर अदाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी का आरोप

पिछले वर्ष नवंबर में, एसईसी ने गौतम अदाणी, सागर अदाणी और एज़्योर पॉवर ग्लोबल लिमिटेड के कार्यकारी अधिकारी सिरिल कैबनेस पर व्यापक स्तर पर रिश्वतखोरी की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया था. इसके अलावा, न्यूयॉर्क के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने अदाणी ग्रीन और एज़्योर पावर से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी आपराधिक आरोप लगाए थे. 

अदाणी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी, ताकि वे अनुकूल सौर ऊर्जा ठेके हासिल कर सकें. 

अदाणी समूह का खंडन

हालांकि, अदाणी समूह ने अमेरिकी न्याय मंत्रालय और एसईसी द्वारा लगाए गए आरोपों को 'निराधार' बताया और उनका खंडन किया. समूह के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिकी न्याय मंत्रालय और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनका खंडन किया जाता है.’’ प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोप केवल आरोप हैं और जब तक वे दोषी साबित न हो जाएं, तब तक इनका कोई मतलब नहीं है. समूह ने यह भी कहा कि वह ‘‘ सभी संभव कानूनी विकल्प तलाश सकता है.’’

सम्बंधित खबर

Recent News