मोदी सरकार का किसानों को दीपावली तोहफा, 2 योजनाओं को दिखाई हरी झंडी

पीएम मोदी की अध्यक्षता में बीते दिन कैबिनेट बैठक में किसानों को दिपावली पर बड़ा तोहफा दिया गया है. बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ देने के उपद्देश्य से 2 योजनाओं को हरी झंडी दिखाई है. इसमें पहली योजना पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना व दूसरी कृषि उन्नति योजना है.

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Courtesy: Social Media

पीएम मोदी की अध्यक्षता में बीते दिन कैबिनेट बैठक में किसानों को दिपावली पर बड़ा तोहफा दिया गया है. बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ देने के उपद्देश्य से 2 योजनाओं को हरी झंडी दिखाई है. इसमें पहली योजना पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना व दूसरी कृषि उन्नति योजना है. केंद्र सरकार ने योजना पर 1,321 करोड़ खर्च करने का विचार किया. सरकार को भरोसा है कि दोनों योजनाएं लागू होने के बाद किसानों को आर्थिक मोर्चे पर लाभ मिलेगा. 

योजनाओं में मिलेंगे यह लाभ

दरअसल किसानों को मिलने वाली योजनाओं को नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल को मंजूरी दे दी है. सरकार की तरफ से इसे धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 10 हजार 103 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं. सरकार की तरफ से खाद्य तेलों पर भी मंजूरी दी गई हैं. केंद्र सरकार द्वारा साल 2031 तक खाद्य तेल के व्यापार को बड़ाने के लिए 20.2 मिलियन टन का लक्ष्य रखा है. बैठक में इस बात का भी भरोसा दिलाया गया कि यह परियोजनाएं धरातल पर उतरने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा. 

चेन्नई मेट्रो के फेज टू को मंजूरी

किसानों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बैठक करते हुए शहर की मूलभूत सुविधाओं के विकास पर अधिक जोर दिया. केंद्रीय के नेतृत्व में चेन्नई मेट्रो के फेज टू को भी मंजूरी दी गई. सरकार इसके लिए 63,246 करोड़ का बजट रखा गया. इसकी कुछ लंबाई 119 कि.मी रही. इसमें 120 से ज्यादा स्टेशन बनाए जाएंगे. इससे यात्रियों को सुविधा होगा. 

5 भाषाओं को मिल सकता है बड़ा दर्जा 

बैठक के दौरान देश की 5 भाषाओं को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा देने का भी फैंसला हुआ. सरकार की माने तो ऐसा करने से रोजगार की संभानाएं भी मिलेंगी. इन 5 भाषाओं में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को रखा गया. शास्त्रीय भाषाओं की सूची में तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओडिया को पहले से ही स्थान दिया था. ऐसे में अगर यह 5 भाषाएं भी शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा प्राप्त कर लेती है. तो इनकी संख्या बढ़ जाएंगी.

रेलवे कर्मचारियों को बोनस का इनाम

हर साल की तरह इस साल भी केंद्र सरकार ने रेलवे के 11,72,240 कर्मचारियों का प्रोडक्टिव लिंक्ड बोनस मंजूर कर दिया है. सरकार की तरफ से इसके लिए 2029 करोड़ का बोनस रेलवे कर्मचारियों को देने का फैसला बैठक में किया गया है.