लोकसभा चुनाव के मद्देनजर BJP की अहम बैठक, 543 सीटों पर प्रचार अभियान की रूपरेखा की पेश

Lok Sabha Election 2024: इस बैठक में पहली बार के मतदाताओं, और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति( एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), युववाओं और महिलाओं को साधने की रणनीति पर भी जोर दिया गया.

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हाइलाइट्स

  • लोकसभा चुनाव के मद्देनजर BJP की अहम बैठक,
  • 543 सीटों पर प्रचार अभियान की रूपरेखा की पेश

BJP Meeting: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल देखने को मिल रही है. इस दौरान हर दल अभी से आम चुनाव की तैयारी में लग गया हैं. इस बीज आज मंगलवार ( 16 जनवरी ) को भाजपा की अहम बैठक हुई. यह मीटिंग  केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और  पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में हुई. इस दौरान सभी 543 लोकसभा सीटों पर प्रचार अभियान की रूपरेखा पेश की गई. इस बैठक में पहली बार के मतदाताओं, और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति( एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), युववाओं और महिलाओं को साधने की रणनीति पर भी जोर दिया गया. 

क्यों बोले गृह मंत्री अमित शाह?

इस दौरान पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि 300 से अधिक नेताओं को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए कई कार्य किये हैं और उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान भारत का वैश्विक कद में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है. 

वहीं पार्टी नेताओं से सरकार की कई सफलताओं के साथ मतदाताओं तक पहुंचने का आह्वान करते हुए अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के विचार के इर्द-गिर्द देश को केंद्रित करने का काम किया है, और इस  दौरान सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी खूब बढ़ावा मिला है.

अमित शाह का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब आयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा सरकार भारत को एक महाशक्ति बनाने के दिशा में कार्य कर रही है. 

पूरे भारत में हो भाजपा का विस्तार: नड्डा 

इस बीच जेपी नड्डा ने भाजपा नेताओं से देश भर में पार्टी का और विस्तार करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि  नेताओं को यह देखना चाहिए कि पार्टी को उन राज्यों में अधिक सीट पर विजय प्राप्त हो, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में उसे सीमित सफलता ही हासिल हुई थी. इस दौरान दक्षिण भारत, बंगाल और बिहार आदि को लेकर बूथ स्तर तक विशेष रणनीति को बनाया गया. ऐसे में पार्टी की तरफ से सीधा संकेत जाता है कि  बीजेपी अन्य दलों के नेताओं का भी स्वागत करना चाहती है, नड्डा ने कहा कि वह उन लोगों से सहयोग लेने के लिए तैयार है जो राष्ट्रवादी मुख्यधारा का हिस्सा बनाना चाहते हैं.

तावड़े ने कहा कि बैठक में पार्टी नेताओं ने 2019 के चुनावों के कार्यक्रम के अनुसार अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अभी से तैयारियों की उलटी गिनती को शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, ''हम न केवल बीजेपी की जीत के  सुनिश्चित करने के लिए काम ना करें  बल्कि अपने सहयोगियों की भी जीत सुनिश्चित करेंगे, जहां से वे चुनाव लड़ेंगे. इस दौरान पार्टी के नेता अलग-अलग मतदान समूहों से जुड़ने के लिए 'गांव चलें' अभियान के हिस्से के रूप में गांवों में जाएंगे. 

लगातार बैठकों का दौर जारी 

इस दौरान भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति तैयार करने के लिए हाल ही में कई बैठकें की हैं.  क्योंकि पार्टी पीएम मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता में काबिज करने के लिए किसी भी तरह की कसर नहीं  छोड़ना चाहती. वर्तमान में पार्टी के अंदर एक राय है कि वह अनुकूल माहौल के बीच अपनी जीत को दोहराने के लिए अच्छे हालात में हैं.