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MIB ने 25 ओटीटी ऐप्स और वेबसाइटों पर लगाया प्रतिबंध, अश्लील कंटेंट को रोकने की कोशिश

मंत्रालय ने पाया कि ये प्लेटफॉर्म अश्लील सामग्री और आपत्तिजनक विज्ञापन दिखा रहे थे. यह भारतीय कानूनों का उल्लंघन है. स्टोरीबोर्ड18 की रिपोर्ट के अनुसार, MIB ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को इन ऐप्स और वेबसाइटों तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया.

Calendar Last Updated : 25 July 2025, 01:48 PM IST
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Apps Banned in India: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 25 ओटीटी ऐप्स और वेबसाइटों पर रोक लगाने का आदेश दिया है. इनमें ULLU, ALTT, बिग शॉट्स और Desiflix जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म शामिल हैं. यह कदम अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए उठाया गया है.

मंत्रालय का कहना है कि ये सभी प्लेटफॉर्म अश्लील सामग्री और आपत्तिजनक विज्ञापन दिखा रहे हैं. यह भारतीय कानूनों का उल्लंघन है. स्टोरीबोर्ड18 की रिपोर्ट के अनुसार, MIB ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को इन ऐप्स और वेबसाइटों तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया. यह कार्रवाई तुरंत लागू हो गई है.

बंद किए गए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की सूची  

प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स में ALTT, ULLU, बिग शॉट्स, जलवा ऐप, वाउ एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिटप्राइम, फेनियो, शोएक्स, सोल टॉकीज़, कंगन ऐप, बुल ऐप, अड्डा टीवी, हॉटएक्स वीआईपी, डेसिफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट, गुलाब ऐप, फुगी, मोजफ्लिक्स, हलचल ऐप, मूडएक्स, नियॉनएक्स वीआईपी और ट्राइफ्लिक्स शामिल हैं. इन पर अश्लील सामग्री परोसने का आरोप है. MIB ने इस कार्रवाई को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 294 और महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के तहत उचित ठहराया है. ये कानून यौन सामग्री और महिलाओं के अभद्र चित्रण को रोकते हैं. सरकार ने कहा कि ऐसी सामग्री समाज के लिए हानिकारक है. 

नाबालिगों की सुरक्षा प्राथमिकता  

यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती का हिस्सा है. सरकार का कहना है कि ऐसी सामग्री नाबालिगों और कमजोर दर्शकों के लिए खतरनाक है. इन ऐप्स की आसान पहुंच ने चिंता बढ़ाई थी. MIB ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य है. इस प्रतिबंध से सरकार ने डिजिटल दुनिया में नैतिकता और जिम्मेदारी पर जोर दिया है. अश्लील सामग्री के प्रसार को रोकना सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को और जिम्मेदार बनाएगा.

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