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नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम ने बारिश को और बढ़ा दिया है. उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से गंगा, यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार के निचले इलाकों में भी दिखाई दे रहा है, जहां बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. इसके मुकाबले प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है. अल नीनो के सक्रिय होने के अनुमान के बीच मौसम का यह बदलता मिजाज आने वाले दिनों में भी कई राज्यों के लिए चुनौती बना रह सकता है.
22 अगस्त, शनिवार को दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली. मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश की संभावना जताई है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 23 अगस्त तक कई जगह बारिश होने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश में 22 अगस्त और उत्तराखंड में 27 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है. उत्तराखंड में इस दौरान कुछ जगह भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी. पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. 23 से 26 अगस्त तक भी कई जगह भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर बना रह सकता है, जबकि छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त तक बारिश होने की संभावना है. विदर्भ में 23 से 25 अगस्त के बीच बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 25 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.
पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा. पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 27 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है. झारखंड और ओडिशा में 22 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. ओडिशा में 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 24 से 27 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार में 22 से 24 अगस्त तक कई जगह बारिश होने का अनुमान है. राज्य में 22 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है. झारखंड में 23 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी. अरुणाचल प्रदेश में 23 से 27 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 27 अगस्त तक बारिश हो सकती है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 24 अगस्त तक भारी बारिश के आसार हैं. अरुणाचल प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ गरज और बिजली की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है.
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 27 अगस्त तक कई जगह बारिश होने की संभावना है. गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है. हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 27 अगस्त तक बारिश जारी रह सकती है.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 23 अगस्त तक गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 24 और 25 अगस्त को यहां भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में 23 से 25 अगस्त तथा तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 23-24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. गंगा और यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं. इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं, जबकि बिहार में भी बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है.