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मां के लिव-इन पार्टनर की क्रूरता! मासूम के शरीर पर मिले 51 चोटों के निशान

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक मासूम बच्चे के साथ कथित तौर पर हुई बर्बरता ने सभी को झकझोर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे के शरीर पर 51 चोटों के निशान थे. मामले में बच्चे की मां और उसके लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

Calendar Last Updated : 03 June 2026, 11:03 AM IST
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तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के पास एक मासूम बच्चे के साथ हुई क्रूरता ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. आरोप है कि बच्चे की मां के लिव-इन पार्टनर ने लंबे समय तक उसके साथ शारीरिक प्रताड़ना की और अंततः उसकी मौत हो गई. मामले का खुलासा तब हुआ जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर दर्जनों गंभीर चोटों के निशान मिले.

शुरुआत में मौत को सामान्य घटना बताने की कोशिश की गई, लेकिन रिश्तेदारों के शक और पुलिस जांच के बाद मामला पूरी तरह पलट गया. जांच में सामने आए तथ्यों ने इस घटना को और भी भयावह बना दिया है.

रिश्तेदारों के शक से खुला मामला

पुलिस के अनुसार यह घटना तिरुवनंतपुरम से करीब 20 किलोमीटर दूर नेदुमंगड के पनावूर क्षेत्र की है. 29 मई की शाम अर्शीद नाम के बच्चे को पनावूर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था. बाद में उसे श्री अविट्टम थिरुनल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

आरोपी अशकर ने अस्पताल कर्मचारियों को बताया कि उसकी प्रेमिका के बेटे के गले में खाना फंस गया था, जिससे वह बेहोश हो गया. हालांकि, रिश्तेदारों को उसकी कहानी पर भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने पुलिस के सामने संदेह जताया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई

मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्चे की मौत लगातार पिटाई के कारण हुई अंदरूनी रक्तस्राव से हुई थी.

जांचकर्ताओं को बच्चे के शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान मिले. इनमें गुप्तांग पर गंभीर चोट और पैरों पर सिगरेट से जलाए जाने के निशान भी शामिल थे. इसके बाद पुलिस ने 30 मई की रात बच्चे की मां अखिला (21) और उसके लिव-इन पार्टनर अशकर को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को अदालत में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया.

सीन रीक्रिएशन में सामने आए नए खुलासे

पुलिस ने मामले में सबूत जुटाने के लिए घटनास्थल का सीन रीक्रिएट किया. जांच में पता चला कि आरोपी अशकर पिछले कई महीनों से बच्चे के प्रति हिंसक व्यवहार कर रहा था.

पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह अर्शीद को अपनी और अखिला की जिंदगी में बाधा मानता था. उसने स्वीकार किया कि वह नियमित रूप से बच्चे की पिटाई करता था और उसकी चीखें दबाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस देता था.

सबूत मिटाने की भी की कोशिश

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे को प्रताड़ित करने में इस्तेमाल की गई वस्तुओं को आरोपी ने एक नहर में फेंक दिया था और बाकी सामान को जला दिया था.

आरोपी ने बताया कि 29 मई को जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा तो उसने उसके सिर पर वार किया. बाद में जब उसे यकीन हो गया कि बच्चे की मौत हो चुकी है, तो उसने घर की सफाई कर सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर बच्चे को अस्पताल ले गया.

मां ने भी स्वीकार की जानकारी

पुलिस को दिए बयान में अखिला ने स्वीकार किया कि उसे अपने बेटे पर हो रहे अत्याचार की जानकारी थी. उसने बताया कि उसने कई बार अपने प्रेमी को बच्चे को हाथों और छड़ियों से पीटते हुए देखा था, लेकिन उसने उसे बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि करीब एक महीने पहले बच्चे का हाथ टूट गया था. उस समय पड़ोसियों के पूछने पर इसे साइकिल से गिरने की घटना बताकर टाल दिया गया था.

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