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गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 5 संदिग्ध गिरफ्तार

गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल पर कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जांच में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों को लेकर नई जानकारी सामने आ रही है.

Calendar Last Updated : 17 July 2026, 03:19 PM IST
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अहमदाबाद: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम करने का दावा किया है. गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क देश में बड़े स्तर पर विस्फोट करने की तैयारी कर रहा था. इससे पहले भी इसी मॉड्यूल से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं.

गुजरात ATS ने उत्तर गुजरात के सिद्धौर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया. अधिकारियों के अनुसार, इन गिरफ्तारियों के बाद इस मॉड्यूल से जुड़े पकड़े गए लोगों की संख्या बढ़ गई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा उनकी गतिविधियां किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं.

मास्टरमाइंड ने तैयार किया था पूरा नेटवर्क

प्रारंभिक जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि इस मॉड्यूल का संचालन कथित तौर पर मोहम्मद अयूब और अमीन शेरा कर रहे थे. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने विस्फोटक तैयार करने के लिए विशेष रसायन, गन पाउडर और अन्य जरूरी सामग्री जुटाई थी. जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से विस्फोटक तैयार करने और उन्हें इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे थे. एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह सामग्री कहां से मंगाई गई और इसके लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया.

ग्रामीण इलाकों में किए गए विस्फोटों के परीक्षण

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने अपने विस्फोटक सिस्टम का परीक्षण करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की सुनसान जगहों को चुना था. बताया जा रहा है कि उन्होंने सात से आठ बार छोटे स्तर पर विस्फोट कर अपनी तैयारी और नेटवर्क की क्षमता को परखा. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन परीक्षणों का उद्देश्य भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले तकनीकी तैयारियों को जांचना था.

शहरों से दूर बनाते रहे नेटवर्क

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी जानबूझकर शहरों के बजाय गांवों और दूरदराज के इलाकों में सक्रिय थे. उन्हें लगता था कि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी मुख्य रूप से बड़े शहरों पर रहती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी गतिविधियां आसानी से छिपी रह सकती हैं. हालांकि, गुजरात ATS काफी समय से इस पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रही थी. पर्याप्त सबूत मिलने के बाद एजेंसी ने समन्वित अभियान चलाकर कार्रवाई की और पांच अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया.

'टाइम बम' बनाने की भी कोशिश

मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक पी. आर. दंतानी ने अदालत को बताया कि ATS ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की थी. ATS ने अदालत को जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर 'टाइम बम' तैयार करने का प्रयास किया था. जांच एजेंसी का कहना है कि बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्री और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा उर्दू साहित्य अभी बरामद किया जाना बाकी है. इन्हें बरामद करने के लिए आगे की जांच जारी है 

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इससे पहले 3 जुलाई को गुजरात ATS ने गुजरात और उससे सटे मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया था. उस समय पुलिस ने बताया था कि यह समूह गुजरात में आतंकी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था. अब नई गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियां पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों, फंडिंग, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की गहन जांच कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क की योजना कितनी बड़ी थी और इसके तार देश के किन-किन हिस्सों या विदेशों से जुड़े हुए थे.

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