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नई दिल्ली: भारत में फैटी लिवर बीमारी तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में उभर रही है. डॉक्टर इसे अब ‘साइलेंट किलर’ की संज्ञा दे रहे हैं, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं. साल 2021 की एक स्टडी के अनुसार, देश में करीब 39 प्रतिशत वयस्क फैटी लिवर से प्रभावित हैं, जो अपने आप में चिंताजनक आंकड़ा है
हालांकि लिवर शरीर के अंदर गहराई में स्थित होता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके खराब होने के संकेत कई बार चेहरे पर साफ दिखाई देने लगते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चेहरा शरीर के अंदर चल रहे मेटाबॉलिक तनाव का शुरुआती आईना बन सकता है. लिवर हार्मोन, टॉक्सिन और पोषक तत्वों को संतुलित रखने का काम करता है, ऐसे में इसकी गड़बड़ी का असर त्वचा और नसों पर दिखने लगता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर की स्थिति में शरीर के अंदर जमा गड़बड़ियां सीधे चेहरे पर नजर आने लगती हैं. समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो सिरोसिस या लिवर फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है.
फैटी लिवर का सबसे आम और शुरुआती संकेत आंखों या चेहरे पर हल्का पीलापन होना है, जिसे पीलिया कहा जाता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि जब लिवर बिलीरुबिन को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो आंखों की सफेदी और चेहरे पर पीला रंग दिखाई देने लगता है.
अगर चेहरे या आंखों के नीचे लगातार सूजन या फूला हुआपन बना रहता है, तो यह केवल नींद की कमी का संकेत नहीं हो सकता. फैटी लिवर की स्थिति में शरीर में फ्लूइड रिटेंशन होने लगता है, जिससे चेहरे पर सूजन साफ नजर आती है.
जबड़े, गाल या माथे पर अचानक पिंपल्स निकलना भी फैटी लिवर से जुड़ी चेतावनी हो सकती है. डॉ. के मुताबिक, जब लिवर टॉक्सिन और हार्मोन को सही तरीके से संतुलित नहीं कर पाता, तो ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है.
चेहरे पर लाल-लाल जाली जैसी नसें या रोजेशिया जैसा लालपन भी लिवर की बिगड़ती हालत का संकेत माना जाता है. डॉक्टर बताते हैं कि यह फैली हुई कोशिकाओं की वजह से होता है, जबकि अन्य एक्सपर्ट्स के अनुसार हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे पर ब्लड फ्लो बढ़ने से ऐसा दिखाई देता है.
इसके अलावा चेहरे की प्राकृतिक चमक कम होना, लगातार खुजली, रूखापन या धब्बेदार त्वचा भी फैटी लिवर से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा कर सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव अक्सर लोग स्किन प्रॉब्लम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अच्छी खबर यह है कि फैटी लिवर को शुरुआती अवस्था में पलटा जा सकता है. वजन में 5 से 10 प्रतिशत की कमी, हेल्दी डाइट, रोजाना वॉक और समय-समय पर जांच से लिवर की सेहत में बड़ा सुधार संभव है.
Disclaimer:- इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी तरह की डाइट या हेल्थ रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.