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झारखंड में उपभोक्ताओं को राहत, अब 7 दिनों के अंदर देना होगा गैस सिलेंडर, वरना लॉक हो जाएगा एजेंसी का सिस्टम

झारखंड में इंडेन गैस के लगभग 50 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं. जहां बुकिंग के 7 दिन बाद भी सिलेंडर पेंडिंग पड़ा है. राजधानी रांची की स्थिति सबसे चिंताजनक है, 7 हजार उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर गैस की होम डिलीवरी नहीं मिल सकी है.

Calendar Last Updated : 09 June 2026, 03:40 PM IST
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झारखंड के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर है. राज्य में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की लेटलतीफी को खत्म करने को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नए और कड़े निर्देशों के मुताबिक यदि कोई एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर बुकिंग के बाद 7 दिनों के भीतर उपभोक्ता के घर सिलेंडर डिलीवर नहीं कर पाता है तो तेल कंपनियों द्वारा तत्काल प्रभाव से उस एजेंसी का डिजिटल ऑपरेटिंग सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा.

50 हजार से ज्यादा डिलीवरी पेंडिंग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में इंडेन गैस के लगभग 50 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं. जहां बुकिंग के 7 दिन बाद भी सिलेंडर पेंडिंग पड़ा है. राजधानी रांची की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर गैस की होम डिलीवरी नहीं मिल सकी है. कड़ाई शुरू होने के बाद हाल के दिनों में तेल कंपनियों और वितरकों के विशेष अभियान से इस बैकलॉग में तेजी से सुधार देखा जा रहा है.

नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर लगेगा ताला

मंत्रालय के नियमों के तहत, बैकलॉग बढ़ने पर पहली बार में डिस्ट्रीब्यूटर को सफाई देने का मौका मिलेगा. यदि डिलीवरी में देरी की वजह कोई विशेष परिस्थिति या तकनीकी कारण है, तो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अस्थायी रूप से सिस्टम को अनलॉक कर सकती है. अगर डिस्ट्रीब्यूटर का स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया या उसने बार-बार इस नियम की अनदेखी की, तो उसका पूरा सिस्टम स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा. सिस्टम लॉक होने के बाद एजेंसी न तो नई बुकिंग ले पाएगी और न ही कोई डिलीवरी कर सकेगी.

हालात सुधरते ही वापस ली गई पुरानी छूट

डिलीवरी का यह कड़ा नियम तेल कंपनियों के पास पहले से मौजूद था. लेकिन बीते दिनों मिडल ईस्ट के भू-राजनीतिक संकट के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो गई थी जिसे देखते हुए तेल कंपनियों ने गैस वितरकों को अस्थायी तौर पर इस नियम से कुछ राहत दी थी.

एलपीजी की आपूर्ति

अब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है. जिसके बाद मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के हक में इस पुराने नियम को दोबारा सख्ती से लागू करने का फैसला किया है. इस कदम से डिस्ट्रीब्यूटर्स की जवाबदेही तय होगी और कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी.

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