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हॉलमार्किंग के बिना अब नहीं खरीद पाएंगे सोना! इन शहरों में सरकार के नए नियम लागू

भारत में आम आदमी सोना खरीदने के लिए अपने पूरे जीवन की कमाई को लगा देता है. उसके बाद अगर सोने में मिलावट की समस्या आती है तो ऐसा लगता है कि सबकुछ लूट गया हो. जनता को इस समस्या से बचाने के लिए सरकार लगातार कोशिश में जुटी है.

Calendar Last Updated : 15 November 2024, 07:16 AM IST
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Gold Hallmarking Rules: सोने की ज्वैलरी बनाने और खरीदने में ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए भारत सरकार ने हॉलमार्किंग और एचयूआईडी कोड रजिस्टर करने की योजना को और विस्तृत किया है. इससे न केवल ज्वैलरी की गुणवत्ता की सुनिश्चितता होती है, बल्कि ग्राहकों को यह भी विश्वास मिलता है कि वे नकली या मिश्रित धातुओं से बनी ज्वैलरी नहीं खरीद रहे हैं. 

गुरुवार को सरकार ने घोषणा की कि देश में सोने की ज्वैलरी के लिए अनिवार्य हॉलमार्किंग के चौथे चरण की शुरुआत की गई है. इसके तहत 18 नए शहरों को इस योजना में जोड़ा गया है. अब देश के कुल 361 शहरों में हॉलमार्किंग के साथ ही सोने की ज्वैलरी की बिक्री की जाएगी. यह पहल सरकार द्वारा किए गए पहले तीन चरणों के विस्तार का हिस्सा है.

इन राज्यों में नियम लागू 

सरकार के मुताबिक यह योजना 5 नवंबर से प्रभावी हो गई है और इसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 18 जिलों को शामिल किया गया है. इस कदम से ग्राहकों को सोने की ज्वैलरी की शुद्धता की गारंटी मिलेगी और वे धोखाधड़ी से बच सकेंगे.

सरकार द्वारा यह भी बताया कि हॉलमार्किंग योजना के तहत रजिस्टर्ड ज्वैलर्स की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. पहले 34 के लगभग ज्वैलर्स रजिस्टर्ड थे जो अब बढ़कर लगभग 2 लाख हो गए हैं. इसके अलावा, ज्वैलरी की परख करने वाले सेंटर्स की संख्या 945 से बढ़कर 1,622 हो गई है. इससे हॉलमार्किंग प्रक्रिया में तेजी आएगी और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

BIS केयर मोबाइल एप 

अब तक देश में 40 करोड़ से अधिक हॉलमार्क गहनों की बिक्री हो चुकी है, जिन पर एचयूआईडी कोड दर्ज है. यह कोड अल्फा-न्यूमेरिक होता है, जो सोने की शुद्धता, परखने वाली लैब और ज्वैलर की पहचान को दर्शाता है. ग्राहक इस कोड की मदद से किसी भी गहने की गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं. सोने की शुद्दता में किसी भी तरह की कोई धोखा ना हो इससे बचने के लिए ग्राहक BIS केयर मोबाइल एप के माध्यम से ज्वैलरी की गुणवत्ता का जांच कर सकते हैं. साथ ही ऐप के माध्यम से दुरुपयोग के मामले में शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं.

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