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'हथियार ले जाना प्रतिबंधित..' रामनवमी पर बंगाल में सुरक्षा तेज, 3 हजार पुलिस कर्मियों की हुई तैनाती

पश्चिम बंगाल में गुरुवार को राम नवमी समारोह मनाया जा रहा है. समारोह के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य भर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

Calendar Last Updated : 26 March 2026, 12:38 PM IST
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में गुरुवार को राम नवमी समारोह मनाया जा रहा है. बंगालवासी इस त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मना सकें इसलिए इस दिन पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं. साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य भर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ताकि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता न फैल सके. 

इसी दौरान बंगाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस दिन  हथियार ले जाना भी प्रतिबंधित है और जुलूस में शामिल होने वालों की संख्या 500 तक सीमित कर दी गई है.

3,000 पुलिस कर्मी होंगे तैनात

रामनवमी के अवसर पर बंगाल में करीब 3,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी और 500 से ज्यादा प्रतिभागियों वाले किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

उन्होंने आगे कहा कि, 'अगर कोई जुलूस निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करता है, तो उसे तुरंत रोक दिया जाएगा और कानूनी कार्यवाही की जाएगी.' इसके साथ ही उन्होंने बताया कि, 'हावड़ा, चंदननगर और इस्लामपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. सीआरपीएफ समेत केंद्रीय बलों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तैनात किया जाएगा.'

राज्य सरकार ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

राज्य सचिवालय नबन्ना में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडीजी (कानून व्यवस्था) और सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया.

आज से शुरु होगा राम नवमी का जश्न

पूरे देश में आज से ही राम नवमी का जश्न शुरु हो गया है. हालांकि बहुत सी जगह पर आज अष्टमी और नवमीं दोनो ही मनाई जाती है. लेकिन बंगाल में अधिकारियों के मुताबिक, राम नवमी के जुलूस 26 से 29 मार्च के बीच पूरे राज्य में निकले जाने की संभावना है. 

हालांकि इनमें से सबसे अधिक रैलियां गुरुवार को होने की उम्मीद है. जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी जुलूस अदालत के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए निकाले जाएं. इस दौरान किसी भी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधि न हो. 

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