बेंगलुरु: बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में घटी एक घटना ने शिक्षा के माहौल और शिक्षक-छात्र संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बेंगलुरु के पीईएस विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने कथित तौर पर कक्षा सत्र के दौरान एक मुस्लिम छात्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. अब मामले का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है, जिससे छात्रों में नाराजगी फैल रही है.
दरअसल यह मामला बेंगलुरु के पीईएस विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुई. जब अफ्फान नाम के एक छात्र ने क्लास से बाहर जाने की अनुमति मांगी. तब आरोप है कि प्रोफेसर डॉ. मुरलीधर देशपांडे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए छात्र के प्रति अपमानजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी की, जिसे कक्षा में मौजूद एक छात्र ने वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया.
शिक्षक ने कथित तौर पर छात्र को आतंकवादी कहा. 'शर्म नहीं आती, तुमको' चेक पैटर्न वाली आधी बाजू की शर्ट पहने प्रोफेसर को एक वीडियो में कक्षा में चिल्लाते हुए सुना जा सकता है. प्रोफेसर ने आगे कहा कि, 'मैंने सोचा था कि मैं आज बहुत शांत रहूंगा.'
Controversy erupts in #Bengaluru. @NSUIKarnataka lodged a police complaint against an adjunct professor for allegedly calling a student a terrorist when class was in session. Dr Muralidhar Deshpande was suspended by PES University on VC's orders. @BlrCityPolice @seemantsingh96 pic.twitter.com/QoxafVEDeI
— Prajwal D'Souza (@prajwaldza) March 28, 2026
क्लास में मौजूद छात्रों के अनुसार शिक्षक ने कथित तौर पर विश्व में हो रहे युद्ध के लिए उन जैस मुस्लिम छात्रों को जिम्मेदार ठहराया है. शिक्षक ने साफ तौर पर कहा कि 'ईरान युद्ध के लिए 'उसके जैसे लोगों' दोषी हैं और साथ ही यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप आएंगे और उसे ले जाएंगे.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही छात्रों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया. कई छात्रों ने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए कार्यवाही की मांग की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है. कुलपति द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि छात्र की शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया गया है और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्यवाही तय होगी.
कुछ छात्रों का दावा है कि जिस छात्र के समर्थन में आवाज उठाई गई, उससे जुड़े तीन अन्य छात्रों को भी अलग-अलग कारणों का हवाला देकर निलंबित किया गया है. हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है