Courtesy: Instagram (tehseenpoonawalla)
नई दिल्ली: एक तरफ नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन अभी थमा भी नहीं था कि दूसरी तरफ अब ई-20 पेट्रोल ब्लेंडिंग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति तहसीन पूनावाला ने शनिवार से इस मुद्दे पर भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था, साथ ही मौन मार्च निकालने की भी बात कही थी। पूनावाला ने कहा कि पुलिस उन्हें अच्छा इंसान तो बताती है। लेकिन उसी सांस में उनकी आवाजाही पर रोक भी लगा देती है। पूनावाला का तर्क है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य करना सही कदम नहीं है। सरकार को इस नियम में बदलाव करना चाहिए। उनकी मांग है कि ई-20 पेट्रोल शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले कम से कम बीस फीसदी सस्ता बेचा जाए।
पुलिस पर नजरबंद करने का आरोप
पूनावाला का कहना है कि पुलिस बल की एक बड़ी टुकड़ी उनके आवास पर पहुंची और उन्हें फिलहाल घर के भीतर ही रहने के लिए कहा गया। उनके मुताबिक पुलिस अफसरों ने उनसे यह भी कहा कि उनकी सिर्फ एक अपील पर टीम भारत के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर सकते हैं।
आवाजाही पर रोक
पूनावाला ने कहा कि पुलिस उन्हें अच्छा इंसान तो बताती है। लेकिन उसी सांस में उनकी आवाजाही पर रोक भी लगा देती है। इस पूरे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल भी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई-20 पेट्रोल को लेकर एक टाउनहॉल आयोजित कर रहे हैं।
क्या है असली मांग
गौरतलब है कि पूनावाला की अगुआई वाली 'टीम भारत' ने इससे पहले 31 जुलाई को संसद भवन तक गाड़ी मार्च निकालने का ऐलान किया था। लेकिन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कुछ दिन पहले ही टीम के सदस्यों को बुलाकर उनकी बात सुनी। जिसके बाद यह मार्च फिलहाल टाल दिया गया। पूनावाला का तर्क है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य करना सही कदम नहीं है। सरकार को इस नियम में बदलाव करना चाहिए।
पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प
उनकी मांग है कि ई-20 पेट्रोल शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले कम से कम बीस फीसदी सस्ता बेचा जाए। साथ ही हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी मौजूद होना चाहिए। भूख हड़ताल का ऐलान करते समय ही उन्हें आशंका थी कि प्रशासन उन्हें रोकने की कोशिश करेगा। अब जो हुआ उसे वे अपनी उसी आशंका के सच होने के रूप में देख रहे हैं।