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तेलंगाना सुरंग हादसा: फंसी 8 जिंदगियों को निकालने के लिए रैट माइनर्स की टीम जुटी

तेलंगाना :  तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग में फंसे 8 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जोरों पर है. सुरंग के अंदर फंसे इन श्रमिकों की जान बचाने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय टीमों ने लगातार 26 घंटे से अधिक समय तक प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है. 

Calendar Last Updated : 24 February 2025, 05:51 PM IST
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तेलंगाना :  तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग में फंसे 8 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जोरों पर है. सुरंग के अंदर फंसे इन श्रमिकों की जान बचाने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय टीमों ने लगातार 26 घंटे से अधिक समय तक प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है. 

इस बीच, इस बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए उत्तराखंड के ‘रैट-होल माइनर्स’ की एक विशेष टीम को शामिल किया गया है. यह वही टीम है, जिसने 2023 में उत्तरकाशी में एक सुरंग ढहने के बाद फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला था. इस टीम को सीमित स्थानों में काम करने में विशेषज्ञता प्राप्त है और अब यह टीम SLBC सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए अपनी पूरी मेहनत लगा रही है.

आईआईटी चेन्नई की टीम का सहयोग: कैमरे और रोबोट का इस्तेमाल

बचाव कार्य में और तेजी लाने के लिए आईआईटी चेन्नई की एक टीम भी शामिल हो गई है. इस टीम ने *पुश कैमरे* और *माइन डिटेक्टिंग रोबोट* का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. इन उपकरणों का उद्देश्य सुरंग के अंदर लाइव फुटेज कैप्चर करना है, ताकि फंसे हुए श्रमिकों तक पहुंचने में मदद मिल सके. अगर पुश कैमरे सुरंग के अंदर पहुंचने में नाकाम रहते हैं, तो इसके बाद रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही, *AquaEye* उपकरण का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पानी और अन्य अवरोधों को पार कर स्थिति का सही आकलन किया जा सके.

नौसेना की टीमें अभी तक सुरंग में नहीं घुसीं

सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची भारतीय नौसेना की टीमें अभी तक सुरंग में प्रवेश करने में सफल नहीं हो पाई हैं. वहीं, आपदा प्रबंधन के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं. इस घटना ने सुरंग सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए हैं, और भविष्य में सुरंगों के निर्माण और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर विचार विमर्श की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

सुरंग में दुर्घटना का कारण

यह हादसा 22 फरवरी, शनिवार को हुआ था, जब कुछ मजदूर सुरंग में काम करने के लिए गए थे. सुरंग के अंदर 13 से 14 किलोमीटर के बीच सुरंग की छत का एक हिस्सा ढह गया, जिसके कारण ये आठ मजदूर फंसे हुए हैं. इस हादसे में कुछ मजदूर घायल भी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है. अब इन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है.

बचाव टीमों के अथक प्रयासों और विशेषज्ञों की मदद से जल्द ही इन फंसे हुए मजदूरों को बचाया जा सके, इस उम्मीद के साथ बचाव कार्य जारी है.

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