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नई दिल्ली: प्राइवेट नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में नौकरी बदलते समय एक सवाल जरूर आता है कि आखिर पिछली सैलरी से कितना ज्यादा पैकेज मांगा जाए. आमतौर पर कंपनियां कम से कम लागत में कर्मचारियों को हायर करने की कोशिश करती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कहानी ने लोगों को चौंका दिया है.
चार आईआईटी द्वारा शुरू किए गए एक स्टार्टअप ने इंटरव्यू के दौरान 35 हजार रुपए सैलरी मांगने वाले इंजीनियर को सीधे 50 हजार रुपए महीने का ऑफर दे दिया. सोशल मीडिया पर सामने आई इस कहानी के बाद लोग कंपनी की सोच और HR पॉलिसी को लेकर जमकर चर्चा कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पेज IIT के चार लड़कों पर स्टार्टअप फाउंडर्स ने यह अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि वे अपने स्टार्टअप के लिए एक इंजीनियर की तलाश कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें एक ऐसा उम्मीदवार मिला, जो काम के लिहाज से काफी योग्य था. उम्मीदवार की पिछली नौकरी में सैलरी 30 हजार रुपए थी. इसी आधार पर उसने नई नौकरी के लिए 35 हजार रुपए महीने की मांग रखी. हालांकि, कंपनी ने उसे 50 हजार रुपए महीने का ऑफर दिया क्योंकि उस पद के लिए पहले से इतना बजट तय किया गया था.
स्टार्टअप के संस्थापकों ने बताया कि इंजीनियर ने कुछ समय बाद उनसे पूछा था कि जब उसने 35 हजार रुपए मांगे थे, तब उसे ज्यादा सैलरी क्यों दी गई. इस पर फाउंडर ने जवाब दिया, नौकरी में काफी दिन काम करने के बाद इंजीनियर ने मुझसे पूछा कि जब उसने 35 हजार रुपए मांगे थे, तो उसे ज्यादा की नौकरी क्यों दी गई. इस पर मैंने कहा कि मैं आखिर ऐसा क्यों नहीं करता. उन्होंने आगे कहा, मैंने उस नौकरी के लिए उस बजट को स्वीकृत किया था. मुझे पता है कि उस काम की इतनी ही कीमत है और अगर हमारे पास बजट है, तो हमें देना चाहिए. इस कीमत के आधार पर अगर में इंजीनियर की 30 से 35 या 35 से 40 हजार तक जाने की समस्या को हल कर सकता हूं, तो यह बहुत बेहतर है. मैं यह समस्या बार-बार हल करना चाहूंगा.
फाउंडर ने बताया कि आज उस इंजीनियर को कंपनी के साथ काम करते हुए तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है. उनके मुताबिक, अगर कुछ हजार रुपए की वजह से कर्मचारी नौकरी छोड़ देता, तो कंपनी को दोबारा भर्ती प्रक्रिया में समय और पैसा दोनों खर्च करने पड़ते. उन्होंने कहा, आज उस इंजीनियर को हमारे साथ काम करते हुए तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है. अब कुछ हजार रुपए सैलरी में बढ़ाने के लिए वह यहां से चला जाता, तो हमें दोबारा भर्ती करनी पड़ती. इसमें हमारा समय और पैसा दोनों बर्बाद होते. अब वह हमारे साथ है और बेहतर काम हो रहा है. इसलिए मुझे लगता है कि यही हमारे काम करने का तरीका है. हम हमेशा पैसों से ज्यादा व्यक्ति की गुणवत्ता पर जोर देते हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा, मैं भी एक एचआर हूं और मैं भी ऐसे ही भर्ती करना चाहता हूं, लेकिन मेरी कंपनी मुझे ऐसा नहीं करने देगी. एक अन्य यूजर ने कहा, हां यह बिलकुल सही है अगर कंपनी पहले से ही बजट बनाकर बैठी है, तो नए कर्मचारी को उसी आधार पर सैलरी देना चाहिए. इससे एक भरोसा पैदा होता है. वहीं एक और यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, मैंने यह वीडियो अपनी एचआर को दिखाया, वह कह रही है कि यह एआई है.