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Waqf Amendment Bill: विधेयक पास होते ही वक्फ बोर्ड के बदल जाएंगे ये नियम, यहां देखें नए और पुराने कानून में अंतर

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर सदन में कई दिनों से बहस जारी है. इस विधेयक के पक्ष और विपक्ष में लगातार बहस हो रहे हैं. जिसके बाद आज सरकार लोकसभा में इस विधेयक को पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. अगर यह विधेयक पास हो जाता है तो वक्फ बोर्ड के नियमों में काफी कुछ बदल जाएगा.

Calendar Last Updated : 02 April 2025, 11:07 AM IST
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Waqf Amendment Bill:  बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इस संशोधन के बाद से वक्फ बोर्ड के कई नियम बदल जाएंगे. हालांकि विपक्षी पार्टियां इस विधेयक को इतनी आसानी से पास नहीं होने देने वाली है. देश की दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस ने अपने नेताओं के लिए व्हिप जारी किया है. क्योंकि इस वक्त हर एक सांसद का वोट काफी मैटर करता है. 

इस विधेयक का विरोध कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) और सीपीआई (एम) समेत कई अन्य पार्टियां मिलकर इस विधेयक का विरोध करेगी. किसी भी हाल में इस बिल को पास नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने इस बिल को विभाजनकारी एजेंडा बताया था. 

क्या है नए-पुराने नियमों में अंतर?

  1. वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 40 के मुताबिक बोर्ड को किसी भी संपत्ति पर दावा करने का अधिकार है. वहीं इस जमीन का दावेदार केवल ट्रिब्यूनल में ही लड़ाई लड़ सकता है. वहीं इस संशोधन में दावेदारों को ट्रिब्यूनल के अलावा राजस्व न्यायालय, सिविल न्यायालय और उच्च न्यायालय तक अपील करने का अधिकार है. 
  2. पुराने कानून में वक्फ ट्रिब्यूनल का निर्णय अंतिम माना जाता है. कोई भी इंसान इसके फैसले को कहीं भी चुनौती नहीं दे सकता है. वहीं इस संशोधन में दावेदार को ट्रिब्यूनल के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की अनुमति दी गई है.
  3. पहले के कानून के मुताबिक अगर किसी जमीन को मस्जिद या इस्लामी धार्मिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो वो संपत्ति खुद व खुद वक्फ की मानी जाती है. लेकिन इस संशोधन में कहा गया है कि जब तक आप अपनी जमीन वक्फ को दान नहीं देते हैं तब तक उसपर वक्फ बोर्ड का कोई अधिकार नहीं होगा. 
  4. अभी तक वक्फ बोर्ड महिलाओं और अन्य धर्मों के लोगों को सदस्य बनने की इजाजत नहीं हैं. लेकिन नए संशोधन में वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं और अन्य धर्मों के दो सदस्यों को शामिल करने की इजाजत है. इसके अलावा भी और कई नियमों में बदलाव किए गए है. 

क्या है सरकार का उद्देश्य

सरकार ने इस संशोधन के पीछे वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार का उद्देश्य बताया है. इसके अलावा अधिनियम की कमियों को दूर करना और अधिनियम का नाम बदलने, पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार करने और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ाने समेत कई उद्देश्य शामिल हैं. 
 

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