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6 मार्च को दिल्ली कूच, 10 मार्च को रोकेंगे रेल, जानिए क्या है किसानों का पूरा प्लान?

Farmers Protest: किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हरियाणा-पंजाब को छोड़कर दूसरे राज्यों के किसान 6 मार्च को बिना ट्रैक्टर ट्राली के दिल्ली कूच करेंगे. साथ ही 10 मार्च को पूरे देश में रेल रोको आंदोलन भी चलाया जाएगा.

Calendar Last Updated : 03 March 2024, 08:14 PM IST
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हाइलाइट्स

  • 6 मार्च को दिल्ली कूच, 10 मार्च को रोकेंगे रेल
  • जानिए क्या है किसानों का पूरा प्लान?

Farmers Protest: देश की सड़कों पर इस समय भारी संख्या में किसानों की भीड़ बैठी है. इस बीच किसान पंजाब से एक बार फिर दिल्ली कूच करने की योजना बना रहे हैं. ऐसे में किसान अभी शंभू बॉर्डर डेट हुए हैं. इस दौरान किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इस बीच किसानों की तरफ से एलान किया गया है कि वह 6 मार्च को दिल्ली कूच करेंगे.

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हरियाणा-पंजाब को छोड़कर दूसरे राज्यों के किसान 6 मार्च को बिना ट्रैक्टर ट्राली के दिल्ली कूच करेंगे. साथ ही 10 मार्च को पूरे देश में रेल रोको आंदोलन भी चलाया जाएगा. जो 12 बजे से लेकर 4 बजे तक चलेगा.

10 मार्च को पूरे भारत में रोकेंगे रेल 

इस दौरान  किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने दूसरे राज्यों के किसानों को  पैदल, ट्रेन या फिर बस से दिल्ली कूच करने के लिए कहा है. इसके अलावा शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर बैठेडेट किसान वहीं बैठ कर अपना आंदोलन जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि 10 मार्च को पूरे भारत में 12 से चार बजे तक रेल चक्का जाम करने की घोषणा की गई है.

वहीं जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि जो लड़ाई शुभकरन ने लड़ी है उसने पूरे किसान अंदोलन को संदेश दिया है की आज पूरे भारत में बैठे किसानों को यह लड़ाई जीतनी होगी. उन्होंने कहा कहा कि किसानों पर बम फेंके गए. एक तरफ सरकार किसानों से मीटिंग कर चर्चा कर रही है दूसरी तरफ बॉर्डर पर बैठे किसानों पर अत्याचार कर रही है.

हम पीछे हटने वाले नहीं है

जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आगे कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि दिल्ली कूच करने का कार्यक्रम अभी टला नहीं है.  हम पीछे हटने वाले नहीं है. केंद्र सरकार को घुटने के बल लाने के लिए हमने रणनीति बनाई है. हम जिन सीमाओं पर बैठे हुए हैं वहां संख्या बढ़ाएंगे. दूसरे बॉर्डर पर भी किसानों को लाने का प्रयास किया जाएगा. 

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