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पंजाब के 65 हजार से अधिक कर्मचारियों की चमकी किस्मत, मान सरकार ने खत्म की ठेकेदारी व्यवस्था

कैबिनेट के इस ऐतिहासिक निर्णय से सरकारी नौकरियों में ठेकेदारी प्रथा का अंत होगा, जिससे कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन पक्की नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है.

Calendar Last Updated : 31 May 2026, 11:51 AM IST
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पंजाब: पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने सूबे के श्रम इतिहास और सरकारी रोजगार व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी सुधार लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आज हुई पंजाब मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में दशकों पुरानी ठेकेदारी प्रथा (कॉन्ट्रैक्टुअल और आउटसोर्सिंग सिस्टम) को हमेशा के लिए समाप्त करने की रूपरेखा को मंजूरी दे दी गई. सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत 65,048 आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके नियमितीकरण (रेगुलर होने) का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

निजी ठेकेदारी को खत्म करना

​कैबिनेट के इस फैसले का सीधा मकसद सरकारी रोजगार व्यवस्था से निजी ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका को जड़ से खत्म करना है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मान सरकार अब सरकार और कामगारों के बीच सीधा 'सरकार-कर्मचारी' संबंध स्थापित करने जा रही है. इससे उन हजारों कर्मचारियों को रोजगार की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थायित्व मिलेगा, जिन्होंने बिना किसी पक्के दर्जे के अपने जीवन के कई साल पंजाब की सेवा में खपा दिए.

​दो नए अध्यादेशों को मंजूरी

​इस ऐतिहासिक व्यवस्था को कानूनी रूप देने के लिए पंजाब कैबिनेट ने पुराने ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्टुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्स्ड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को निरस्त (रद्द) कर दिया है। इसके स्थान पर दो नए और बेहद महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई है.

​पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026

​पंजाब कॉन्ट्रैक्टुअल पर्सनल (मंजूरशुदा खाली असामियों विरुद्ध एब्जॉर्प्शन) बिल, 2026

​मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्या कहा

​मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस नीति को स्पष्ट करते हुए बताया कि इन दोनों कानूनों के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले सीधे राज्य सरकार के ठेके  के अधीन लाया जाएगा और उसके बाद उन्हें स्थायी कैडर में शामिल किया जाएगा.

ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के लिए क्या है नियम

​नियमों के मुताबिक, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के ऐसे आउटसोर्स कर्मचारी जिन्होंने 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सीधे सरकारी ठेके पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा. इसके बाद, सरकारी ठेके पर 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को विभाग में खाली पदों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा.

​51 विभागों के 65 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

​पंजाब सरकार के कुल 51 विभागों में फैले 65,048 कामगारों को इस दायरे में लाया गया है. पहले चरण में ही 26,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ ट्रांसफर किया जाएगा. लाभ लेने वाले विभागों का विवरण देते हुए बयान में कहा गया है कि सुधार में बिजली क्षेत्र के 15,753 कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिसमें शिकायतों का समाधान करने वाला स्टाफ, पैसको कर्मचारी, मीटर रीडर और नोडल सेंटर वर्कर शामिल हैं.

आउटसोर्स्ड फायर

स्थानीय सरकार विभाग के 8,436 कर्मचारी, जिनमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारी, चीनी मिलों, स्पिनफेड और मार्कफेड समेत सहकारी संस्थाओं के 8,373 कामगार, स्कूल शिक्षा के 7,704 कर्मचारी, परिवहन विभाग के 4,746 कर्मचारी और 1,472 आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी शामिल हैं.

सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 2,688 कर्मचारी, जल आपूर्ति और सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी, कृषि के 1,533 कर्मचारी, जेलों के 1,311 कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के 1,251 कर्मचारी, पी.डब्ल्यू.डी. (बी एंड आर) के 1,570 कर्मचारी, सामान्य प्रशासन विभाग के 1,322 कर्मचारी और मेडिकल शिक्षा के 1,231 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.

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