menu-icon
The Bharatvarsh News

बच्चों को मिलेगा ऑर्गेनिक मिड-डे मील, पंजाब के 5,000 सरकारी स्कूलों में 'पौष्टिक बगीचे' बनाएगी मान सरकार

पंजाब की उपजाऊ मिट्टी अब न केवल देश का अन्न भंडार भरेगी, बल्कि राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सुनहरे भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की बुनियाद भी रखेगी.

Calendar Last Updated : 09 January 2026, 06:04 PM IST
Share:

चंडीगढ़: पंजाब की उपजाऊ मिट्टी अब न केवल देश का अन्न भंडार भरेगी, बल्कि राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सुनहरे भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की बुनियाद भी रखेगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के शैक्षिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए 5,073 सरकारी स्कूलों में पौष्टिक बगीचों की स्थापना का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. यह पहल न केवल बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगी, बल्कि पंजाब को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.

मिड-डे मील की गुणवत्ता का प्राकृतिक समाधान

पंजाब स्टेट फूड आयोग के दिशा-निर्देशों पर आधारित यह परियोजना सीधे तौर पर राज्य के उन हजारों विद्यार्थियों को लक्षित करती है, जिन्हें अब स्कूलों में ही ताजी, शुद्ध और कीटनाशक मुक्त सब्जियां और फल उपलब्ध होंगे. अक्सर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता एक चुनौती रही है, लेकिन पंजाब सरकार ने इस समस्या का स्थायी और प्राकृतिक समाधान खोज निकाला है. स्कूलों की खाली पड़ी सरप्लस जमीन, जो वर्षों से उपेक्षित थी, अब कृषि, बागवानी और शिक्षा विभाग के साझा प्रयासों से लहलहाते हर्बल और फ्रूट गार्डन्स में तब्दील हो जाएगी.

पोषण, शिक्षा और खेती का समन्वित मॉडल

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दूरदर्शी दृष्टिकोण है, जिसमें खान-पान की बदलती जीवनशैली के बीच बच्चों को अस्सी प्रतिशत पौष्टिकता और बीस प्रतिशत स्वाद का मंत्र सिखाया जा रहा है. अमृतसर जैसे जिलों में जहाँ स्कूलों के पास तीन से चार एकड़ तक अतिरिक्त जमीन उपलब्ध है, वहाँ इन बगीचों के माध्यम से बच्चों को न केवल उत्तम आहार मिलेगा, बल्कि वे बचपन से ही खेती की नई तकनीकों और फसली विभिन्नता के महत्व को भी समझ सकेंगे. यह योजना केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के 1,100 आंगनवाड़ी केंद्रों को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नींव से ही एक स्वस्थ पंजाब का निर्माण हो सके.

धरातल पर उतरी नीति, स्वस्थ पंजाब की दिशा

सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि वर्तमान प्रशासन केवल कागजी वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर ऐसे कार्यों में विश्वास रखता है जिनका सीधा लाभ आम जनता और आने वाली पीढ़ियों को मिले. शिक्षकों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग और विभागों का आपसी समन्वय यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार राज्य के प्रत्येक बच्चे को क्वालिटी फूड देने के अपने संकल्प के प्रति कितनी गंभीर है. जब पंजाब का बचपन सेहतमंद होगा, तभी राज्य की प्रगति के पहिए को नई गति मिलेगी. यह परियोजना आधुनिक पंजाब की उस सोच का प्रतीक है, जहाँ शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण का संरक्षण भी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

सम्बंधित खबर

Recent News