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T20 World Cup: 'रोहित-कोहली-धोनी से सीखा...' संजू सैमसन ने तोड़ा कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड

रविवार की शाम संजू सैमसन के लिए यादगार रही. वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मैच में सैमसन ने 97 नाबाद बनाकर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया. इसके साथ ही उन्होंने इस मैच में विराट कोहली का दस साल पुरान रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.

Calendar Last Updated : 02 March 2026, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली: रविवार की शाम संजू सैमसन के नाम रही. कल वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉकआउट मैच में संजू सैमसन भारत के संकटमोचन बनकर उभरे थे. उन्होंने शुरु से लेकर अंत तक टिककर भारत को इस मैच में जीत दिलाकर सेमीफाइनल की टिकट पक्की की. सैमसन के लिए यह सिर्फ एक यादगार जीत नहीं थी, बल्कि इंतजार, धैर्य और विश्वास का फल भी थी. मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव  संजू का आभार जताया. 

कोलकाता में खेले गए इस अहम मुकाबले में भारत ने 196 रनों का लक्ष्य 19.2 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल किया. सैमसन की 50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की पारी निर्णायक साबित हुई. इस दौरान उन्होंने 12 चौके और चार छक्के जड़े. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विराट कोहली को पछाड़ दिया है. उनकी इस पारी ने कोहली का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. 

तोड़ा विराट कोहली का रिकॉर्ड 

कल संजू सैमसन ने अपनी क्लास दिखाते हुए भारत के मुश्किल से निकाला और सेमीफाइनल तक पहुंचाया है. क्रीज पर एक ओर से विकेट गिरते रहे लेकिन दूसरी ओर संजू सैमसन क्रीज पर टिके रहे और टीम को करिश्माई जीत दिलाई. इस  जीत के साथ ही उन्होंने विराट कोहली के 82* रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए टी20 विश्व कप में रन चेज के दौरान भारत के लिए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बना दिया. 

इंतजार और धैर्य का मिला फल

सैमसन लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के संभावित बड़े सितारे माने जाते रहे हैं, लेकिन निरंतर मौके और स्थिर प्रदर्शन की कमी ने उन्हें हमेशा पीछे खींचा है. 

बता दें इस विश्व कप के ग्रुप स्टेज में भी उन्हें तीन मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था. हालांकि सुपर 8 में मिले मौके को उन्होंने दोनों हाथों से स्वीकारा और नॉकआउट मैच में 97 रनों की नाबाद पारी खेली.

दिग्गजों से सीखी कला

सैमसन ने मैच के समापन के बाद बताया कि उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की कला विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी जैसे दिग्गजों को देखकर सीखी है. भले ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित मैच खेले हों, लेकिन डगआउट से महान खिलाड़ियों को खेलते देखना उनके लिए खास अनुभव रहा है. अहम मैच में दबाव को किस प्रकार से संभालना है यह भी उनसे ही सीखा है. 

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