वैभव सूर्यवंशी की ‘सिक्स मशीन’ का राज! 14 साल का यह बल्लेबाज पैरों की ताकत से उड़ाता है गेंदें

भारतीय जूनियर क्रिकेट में एक नया नाम धूम मचा रहा है. वैभव सूर्यवंशी. महज़ 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने बल्लेबाज़ी को जिस आक्रामक अंदाज़ में पेश किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है.

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Vaibhav Suryavanshi: भारतीय जूनियर क्रिकेट में एक नया नाम धूम मचा रहा है. वैभव सूर्यवंशी. महज़ 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने बल्लेबाज़ी को जिस आक्रामक अंदाज़ में पेश किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है. राइजिंग स्टार्स एशिया कप में UAE के खिलाफ खेली गई उनकी धमाकेदार पारी के बाद हर कोई यही पूछ रहा है कि आखिर यह नन्हा शेर इतनी कम उम्र में इतने विशाल छक्के कैसे उड़ा देता है?

14 नवंबर को UAE के खिलाफ T20 मुकाबले में वैभव ने 42 गेंदों पर 144 रन ठोककर रिकॉर्ड पुस्तकों में अपना नाम दर्ज करा दिया. बाएं हाथ से खेलने वाले इस युवा खिलाड़ी ने मानो गेंदबाजों पर कहर बरपा दिया. उनकी पारी के दौरान UAE की टीम का बॉलिंग अटैक पूरी तरह बिखरा दिखाई दिया. बल्लेबाज़ी के हर क्षेत्र में उनकी पकड़ देखने लायक थी, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके छक्कों ने बटोरी. उन्होंने इस पारी में 11 चौकों के अलावा पूरे 15 छक्के लगाए, जिससे मैदान का हर कोना उनकी ताकत का गवाह बन गया.

पैरों में छुपा है छक्कों का असली रहस्य

वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग की सबसे अनोखी बात यह है कि उनकी हिटिंग का आधार उनके पैर हैं. सामान्य तौर पर माना जाता है कि बड़े शॉट्स लगाने के लिए ऊपरी शरीर की ताकत अहम होती है, लेकिन वैभव का मामला अलग है. उनकी जांघें उम्र के हिसाब से काफी भारी और मजबूत हैं. साथ ही उनकी ग्लूट मसल्स भी अत्यंत विकसित हैं. यही कारण है कि उन्हें स्टेबल बेस और विस्फोटक पावर दोनों मिलता है, जिससे गेंद बल्ले से संपर्क करते ही दूर निकल जाती है.

वैभव के कोचों के मुताबिक, जब वे बैटिंग स्टांस लेते हैं, तो उनका निचला हिस्सा उन्हें बैलेंस और पावर दोनों देता है. वहीं उनके हाथों की मजबूती गेंद को ऊंची दिशा में ले जाने में मदद करती है. यही वजह है कि उनकी हिटिंग में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि कंट्रोल भी दिखाई देता है.

नीली जर्सी में धमाकेदार डेब्यू

UAE के खिलाफ खेला गया यह मैच भारत की जर्सी में उनका पहला T20 मुकाबला था. डेब्यू मैच में ही वैभव ने जिस आत्मविश्वास और परिपक्वता का प्रदर्शन किया, उसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया. उनकी पारी ने न सिर्फ मैच की दिशा बदल दी, बल्कि आने वाले समय में भारत के जूनियर क्रिकेट सिस्टम में एक और बड़े स्टार के उभरने के संकेत भी दे दिए.

भारत की युवा टीम के लिए यह पारी एक उदाहरण बन गई है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. वैभव सूर्यवंशी की तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती उन्हें भविष्य का बड़ा क्रिकेटर बनाती है.

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