नई दिल्ली: महज 14 साल की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में सनसनी फैलाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने खेल और पढ़ाई के संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है. अंडर-19 विश्व कप में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से देशभर का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज ने इस साल सीबीएसई की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शामिल न होने का निर्णय लिया है. क्रिकेट के लगातार व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके थे , जिस कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा.
बिहार के ताजपुर निवासी वैभव मॉडस्टी स्कूल, ताजपुर के छात्र हैं. उनकी बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 11 मार्च के बीच निर्धारित थी और परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल तय किया गया था. स्कूल प्रशासन ने उनका परीक्षा फॉर्म भरवाया और एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया था, लेकिन पारिवारिक चर्चा के बाद यह तय हुआ कि इस साल वह परीक्षा नहीं देंगे.
लगातार प्रैक्टिस सत्र, राष्ट्रीय शिविर और टूर्नामेंट में भागीदारी के कारण वैभव को घर और स्कूल से दूर रहना पड़ा. जिस कारण वह अपने एक्जाम की तैयारी नहीं कर पाए. इसके बाद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया कि फिलहाल क्रिकेट पर पूरा ध्यान देना अधिक उचित रहेगा. परिवार और स्कूल दोनों ने उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके इस फैसले का समर्थन किया.
स्टार Vaibhav Suryavanshi अब एक नई पारी खेलने जा रहे हैं।
— Lucknow Vibes 2.0💛 (@KaramD_2) February 15, 2026
17 फरवरी से अपनी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होकर अपनी उम्र का भी खुलासा कर दिए।
प्रिंसिपल नील किशोर ने कहा
भले ही वैभव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है लेकिन परीक्षा केंद्र पर उन्हें कोई… pic.twitter.com/FXbHAJDL2Q
हाल ही में खेले गए अंडर-19 विश्व कप में वैभव ने भारतीय टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने सात मैचों में 62.71 की औसत और 169.49 के स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले, जबकि 175 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा.
वैभव ने टूर्नामेंट में कुल 30 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड कायम किया. इसके अलावा, अंडर-19 वनडे क्रिकेट में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं. 25 पारियों में वैभव ने 1,412 रन, चार शतक और सात अर्धशतक अपने नाम दर्ज किए.