आधी रात ब्लिंकिट से सामान ऑर्डर करना पड़ा भारी, गलत पते पर बहस के बाद ग्राहक की तोड़ी नाक

बेंगलुरु से एक क्विक-कॉमर्स एप कर्मी और ग्राहक के बीच झड़प की खबर सामने आ रही है. ब्लिंकिट कर्मी ने आधी रात ग्राहक से बहस की और विवाद बढ़ने के बाद उसने ग्राहक की पीटाई भी की.

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Courtesy: Pinterest

बेंगलुरु: तेजी से लोकप्रिय हो रही क्विक-कॉमर्स सेवाओं के बीच ग्राहकों और डिलीवरी कर्मियों के बीच विवाद के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बेंगलुरु में सामने आया है, जहां देर रात एक ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. विवाद इतना बढ़ गया की बात मारपीट तक पहुंच गई. आरोप है कि एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव ने ग्राहक के साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं हैं. इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यह घटना 7 मार्च की रात करीब दो बजे बेंगलुरु में हुई. शिकायतकर्ता पॉल जे विथायथिल ने बताया कि उन्होंने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट से एक ऑर्डर किया था. हालांकि डिलीवरी एग्जीक्यूटिव कथित रूप से गलत स्थान पर पहुंच गया. जब ग्राहक ने उसे सही पते पर आने के लिए कहा, तो दोनों के बीच फोन पर बहस हो गई. बाद में डिलीवरी कर्मी ग्राहक के घर पहुंचा, जहां विवाद और बढ़ गया.

गलत पते पर पहुंचने से शुरू हुआ विवाद

दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, ग्राहक और डिलीवरी कर्मी के बीच गलत पते को लेकर विवाद हुआ था. ऐसा बताया जा रहा है कि डिलीवरी एजेंट पहले किसी दूसरे पते पर पहुंच गया था. ग्राहक ने उसे फोन कर सही लोकेशन पर आने के लिए कहा. 

इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई. आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी एग्जीक्यूटिव गुस्से में ग्राहक के घर पहुंचा और वहां स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.

घर के बाहर हुई मारपीट

पीड़ित के अनुसार, जब डिलीवरी कर्मी घर पहुंचा तो उसने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया. आरोप है कि उसने ग्राहक की नाक पर जोरदार मुक्का मारा. इतना ही नहीं, उसने ऑर्डर की गई वस्तुएं भी जमीन पर फेंक दीं और मौके से भाग गया. घटना के बाद घायल ग्राहक को मेडिकल सुविधाएं प्रवोवाइड कराई गई. 

मेडिकल जांच में हुई फ्रैक्चर की पुष्टि

जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित की नाक की हड्डी में फ्रैक्चर आया है. इस दौरान एक्स-रे सहित कई टेस्ट किए गए, जिनमें दोनों नाक की हड्डियों में चोट पाई गई. इसके आधार पर इस मामले को मेडिकल-लीगल केस के रूप में दर्ज किया गया.

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