भोपाल: मध्य प्रदेश के गुना जिले की नानखेड़ी कृषि उपज मंडी में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया. चिलचिलाती धूप के बीच ताजी फसल के बोरे पड़े थे और उसी के बीच एक किसान हाथ जोड़कर अधिकारियों और व्यापारियों से अपनी उपज खरीदने की गुहार लगा रहा था. उसकी आंखों में आंसू थे, क्योंकि अगले ही दिन उसकी बेटी की शादी थी और उसे उसी फसल की बिक्री से मिलने वाले पैसों की सख्त जरूरत थी.
दरअसल, मंडी में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब नीलामी प्रक्रिया अचानक रोक दी गई. किसानों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात बाजार निरीक्षक राजकुमार शर्मा कथित रूप से नशे में थे और उन्होंने नीलामी के दौरान मनमानी की. इसी विवाद के कारण व्यापारियों ने भी विरोध जताते हुए बोली लगाना बंद कर दिया, जिससे मंडी का कामकाज ठप हो गया.
मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि, एक किसान के धनिये की बोली 5,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची थी, लेकिन रसीद में केवल 5,400 रुपये दर्ज किए गए. जब किसान ने 300 रुपये के अंतर पर आपत्ति जताई तो बहस शुरू हो गई. आरोप है कि निरीक्षक ने किसान के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे वहां मौजूद व्यापारी भी नाराज हो गए और उन्होंने नीलामी प्रक्रिया रोक दी.
मंडी में मौजूद श्रीपुरचक गांव के एक किसान के लिए यह स्थिति बेहद दर्दनाक थी. वह अपनी धनिया की फसल बेचकर बेटी की शादी के लिए पैसे जुटाने आया था. उसने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर कहा कि अगले दिन उसकी बेटी की शादी है. अगर ये फसल नहीं बिके तो शादी प्रभावित होगी. बावजूद इसके, घंटों तक मंडी बंद रही और उसकी फसल की बिक्री नहीं हो सकी.
इन विवादों के बाद नीलामी बंद हो गई, जिससे किसानों ने आखिरकार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दर्जनों किसानों ने एबी रोड नेशनल हाइवे को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. इस कारण लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रही, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया और सड़क खाली करवाई.
किसानों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. किसान गिरिराज यादव ने बताया कि उन्हें अपनी उपज लाने के लिए ट्रैक्टर परिवहन पर दो बार खर्च करना पड़ा. उनका आरोप है कि मंडी में प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों को बार-बार परेशान होना पड़ रहा है.