परीक्षा के बाद पार्टी करना कॉलेज के छात्र को पड़ा भारी, नोएडा में गड्ढे में डूबने से हुई मौत

नोएडा के सेक्टर-94 में परीक्षा के बाद जश्न मना रहे एक निजी विश्वविद्यालय के छात्र की पानी से भरे खुले गड्ढे में डूबने से मौत हो गई. इस घटना ने शहर में प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है.

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दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां सेक्टर-94 के पास परीक्षा खत्म होने की खुशी मनाना एक छात्र के लिए काल साबित हुआ. एक निजी विश्वविद्यालय के चार छात्र अपनी कड़ी मेहनत और परीक्षाओं के तनाव के बाद थोड़ा फुर्सत के पल बिताने निकले थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. नहाने के दौरान हुए इस हादसे ने न केवल एक छात्र की जान ली, बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है.

विश्वविद्यालय में चल रहे सेमेस्टर परीक्षाओं के बोझ से मुक्त होकर ये चार दोस्त मंगलवार को सेक्टर-94 की ओर घूमने गए थे. उन्हें लगा था कि खुले मैदान और शांत वातावरण में वे अपनी सफलता का जश्न अच्छे से मना पाएंगे. पार्टी के दौरान उन्होंने पास ही मौजूद एक विशाल और पानी से भरे गड्ढे को देखा. गर्मी और उत्साह के कारण वे सभी उस गड्ढे के पानी में नहाने के लिए कूद पड़े. यह फैसला कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो गया.

साथियों की आंखों के सामने हादसा 

जैसे ही छात्र पानी में उतरे, उनमें से एक छात्र गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और अचानक गहरे पानी की ओर चला गया. जब वह डूबने लगा, तो उसके दोस्तों ने घबराकर शोर मचाया और उसे बचाने की पूरी कोशिश की. वे बार-बार हाथ बढ़ाकर उसे किनारे की ओर खींचने का प्रयास करते रहे. लेकिन पानी का दलदल और गहराई इतनी अधिक थी कि वह उनके हाथों से फिसल गया. साथियों की बेबसी उस समय चीख-पुकार में बदल गई.

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 

शोर सुनकर स्थानीय लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. नोएडा के डीसीपी साद मियां खान और उनकी टीम मौके पर पहुंची. स्थानीय गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद छात्र को गड्ढे से बाहर निकाला गया. उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रथम दृष्टया इसे डूबने से हुई दुर्घटना का मामला मानकर जांच शुरू कर दी है.

सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी 

इस हादसे ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को गड्ढे की गहराई और वहां मौजूद सुरक्षा इंतजामों की जांच करने पर मजबूर कर दिया है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर इतना गहरा गड्ढा बीच शहर में बिना किसी घेराबंदी के क्यों खुला छोड़ा गया था. डीसीपी ने कहा है कि यह भी देखा जाएगा कि यह गड्ढा किस विशेष एजेंसी या विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है और वहां चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे.

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